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Lucknow News: सिविल अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर रेजीडेंट ने मांगे दो हजार रुपये
Tue, 18 Aug 2026 02:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 18 Aug 2026 02:16 AM IST
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लखनऊ। सिविल अस्पताल में रेजीडेंट पर ऑपरेशन से पहले रुपये मांगने का आरोप लगा है। आरोप यह भी कि रेजीडेंट ने मरीज को अस्पताल के बाहर खुले निजी केंद्र में जांच कराने की सलाह दी। सरकारी परचे पर विभागाध्यक्ष की मुहर लगी थी। मरीज ने इसकी शिकायत निदेशक से दर्ज कराई है। निदेशक ने आरोपों की जांच कराने का दावा किया है।
मडियांव निवासी आर्यन सिंह (19) की पीठ में गांठ थी। उसने ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया था। रेजीडेंट ने सरकारी परचे पर जांच लिखी, लेकिन उसे बाहर से कराने को कहा। इसके अलावा ऑपरेशन के नाम पर करीब दो हजार रुपये का खर्च भी बताया गया। मरीज का आरोप है कि रेजीडेंट ने सरकारी रिपोर्ट ठीक न आने की बात कहकर निजी केंद्र भेजा। शक होने पर उसने अस्पताल निदेशक से शिकायत कर दी। मरीज ने वह परचा भी निदेशक को दिखाया, जिसमें विभागाध्यक्ष की मुहर लगी हुई थी।
निदेशक ने विभागाध्यक्ष से फोन पर जानकारी ली। जांच के दौरान पता चला कि विभागाध्यक्ष छुट्टी पर थे। इसके बावजूद उनकी मुहर का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता के मुताबिक, मरीज की जांच अस्पताल से कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। ऑपरेशन की सरकारी फीस जमा होगी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और आरोप सही मिलने पर संबंधित रेजीडेंट पर कार्रवाई की जाएगी।
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मडियांव निवासी आर्यन सिंह (19) की पीठ में गांठ थी। उसने ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया था। रेजीडेंट ने सरकारी परचे पर जांच लिखी, लेकिन उसे बाहर से कराने को कहा। इसके अलावा ऑपरेशन के नाम पर करीब दो हजार रुपये का खर्च भी बताया गया। मरीज का आरोप है कि रेजीडेंट ने सरकारी रिपोर्ट ठीक न आने की बात कहकर निजी केंद्र भेजा। शक होने पर उसने अस्पताल निदेशक से शिकायत कर दी। मरीज ने वह परचा भी निदेशक को दिखाया, जिसमें विभागाध्यक्ष की मुहर लगी हुई थी।
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निदेशक ने विभागाध्यक्ष से फोन पर जानकारी ली। जांच के दौरान पता चला कि विभागाध्यक्ष छुट्टी पर थे। इसके बावजूद उनकी मुहर का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता के मुताबिक, मरीज की जांच अस्पताल से कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। ऑपरेशन की सरकारी फीस जमा होगी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और आरोप सही मिलने पर संबंधित रेजीडेंट पर कार्रवाई की जाएगी।
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