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बहराइच: पाइप में छुपे तेंदुए को निकालने के लिए 5 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
Mon, 03 Jun 2019 05:55 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 03 Jun 2019 05:55 PM IST
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बहराइच में पकड़ा गया तेंदुआ
- फोटो : अमर उजला
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्निया रेंज अंतर्गत बरखडिया बीट गुलारिपुरवा मोरहवा गांव में सोमवार को डामर रोड की ह्यूम पाइप की ढाई फिट की पुलिया में जंगल से निककर आया एक तेंदुआ छिप गया।
तेंदुआ सुबह 7 बजे के आसपास जंगल से निकला था। इस दौरान करीब 5 घंटे तक रेस्क्यू करने के बाद दोपहर में उसे पिजरे में कैद किया जा सका। बताया गया कि तेंदुआ लगभग 3 साल का है।
इससे पहले ग्रामीणों ने तेंदुए को फंसा देखा तो पुलिया को दोनों तरफ से बंद कर दिया। तेंदुए के वहां होने की सूचना रेंज कार्यालय को दी। सूचना पाकर फारेस्ट, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ व सुजौली पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
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काफी मशक्कत के बाद तेंदुए को काबू में किया जा सका। वन विभाग के लोग तेंदुए को पिंजरे में बंद कर रेंज कार्यालय ले गए। यह नजारा देखने के लिए ग्रामीण शोर मचाने लगे।
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तेंदुआ सुबह 7 बजे के आसपास जंगल से निकला था। इस दौरान करीब 5 घंटे तक रेस्क्यू करने के बाद दोपहर में उसे पिजरे में कैद किया जा सका। बताया गया कि तेंदुआ लगभग 3 साल का है।
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इससे पहले ग्रामीणों ने तेंदुए को फंसा देखा तो पुलिया को दोनों तरफ से बंद कर दिया। तेंदुए के वहां होने की सूचना रेंज कार्यालय को दी। सूचना पाकर फारेस्ट, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ व सुजौली पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
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काफी मशक्कत के बाद तेंदुए को काबू में किया जा सका। वन विभाग के लोग तेंदुए को पिंजरे में बंद कर रेंज कार्यालय ले गए। यह नजारा देखने के लिए ग्रामीण शोर मचाने लगे।
वहीं जब गांववालों को फंसे हुए तेंदुए के बारे में पता चला तो वे शोर मचाने लगे। इसके बाद तेंदुआ सड़क पर बनी पुलिया के नीचे घुस गया। ग्रामीणों ने झाड़ियों और पटरे के सहारे तेंदुए को पुलिया के अंदर दोनों और से बंद कर दिया।
रेंजर कतर्नियाघाट पीयूष मोहन, डब्लूडब्लूएफ़ के परियोजना अधिकारी दबीर हसन, मंसूर अली, वान दरोगा अनिल, अशफाक, कबीरुल हसन, वन रक्षक अवधेश नरेश शुक्ला,अजय सिंह ,रूपनारायण शुक्ला कमलेश, हीरालाल व थाना सुजौली के एसआई अशोक, एसआई जितेन्द्र योगेंद्र यादव ने मौके पर पहुंच गए और वन्यजीव प्रतिपालक यशवंत के दिशा निर्देश में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
वन्यजीव प्रतिपालक यशवंत ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ मादा है। इसे रेंज कार्यालय भेजा गया है, जहा तीन डाक्टरों का एक पैनल इसके स्वास्थ्य की जांच करेगा। तेंदुए को कहां छोड़ा जाए इसका फैसला स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होगा।
रेंजर कतर्नियाघाट पीयूष मोहन, डब्लूडब्लूएफ़ के परियोजना अधिकारी दबीर हसन, मंसूर अली, वान दरोगा अनिल, अशफाक, कबीरुल हसन, वन रक्षक अवधेश नरेश शुक्ला,अजय सिंह ,रूपनारायण शुक्ला कमलेश, हीरालाल व थाना सुजौली के एसआई अशोक, एसआई जितेन्द्र योगेंद्र यादव ने मौके पर पहुंच गए और वन्यजीव प्रतिपालक यशवंत के दिशा निर्देश में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
वन्यजीव प्रतिपालक यशवंत ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ मादा है। इसे रेंज कार्यालय भेजा गया है, जहा तीन डाक्टरों का एक पैनल इसके स्वास्थ्य की जांच करेगा। तेंदुए को कहां छोड़ा जाए इसका फैसला स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होगा।