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मुजफ्फरनगर दंगों के लिए अफसर दोषी, सरकार को क्लीन चिट

Sun, 06 Mar 2016 09:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 06 Mar 2016 09:47 PM IST
सार

जस्टिस विष्‍णु सहाय आयोग ने यूपी विधानसभा में रविवार को 700 पन्ने की रिपोर्ट पेश की।

दंगों में 60 से ज्यादा लोग मारे गए थे जबकि 40 हजार से भी ज्यादा लोग दंगे से प्रभावित हुए थे।

9 सितंबर 2013 को इलाहाबाद के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया।

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Report on muzaffarnagar riots.
दंगों की रिपोर्ट सदन में पेश की गई। - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी के मुजफ्फरनगर में 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगों की जांच रिपोर्ट में सरकार को क्लीन चिट दे दी गई है, ज‌बकि वरिष्ठ अधिकारियों को दोषी ठहराया गया है।

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मामले की जांच कर रहे ‌जस्टिस विष्‍णु सहाय आयोग ने यूपी विधानसभा में रविवार को 700 पन्ने की रिपोर्ट पेश की।

रिपोर्ट में अधिकारियों को हालात से सही तरह से निपट न पाने के लिए दोषी ठहराया गया है।

दोषी ठहराए गए अधिकारियों में तत्कालीन प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव, जिला मजिस्ट्रेट कौशल राज शर्मा व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे हैं।

दंगों में 60 से ज्यादा लोग मारे गए थे जबकि 40 हजार से भी ज्यादा लोग दंगे से प्रभावित हुए थे।

सात बार बढ़ाई गई आयोग की अवधि

Report on muzaffarnagar riots.
दंगों की जांच के लिए 9 सितंबर 2013 को हुआ था आयोग का गठन - फोटो : amar ujala

मुजफ्फरनगर दंगों की जांच के लिए 9 सितंबर 2013 को इलाहाबाद के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया था।

जिसका मकसद दंगों में प्रशासनिक चूक, मीडिया व राजनेताओं की भूमिका की जांच करना था। आयोग की कार्य अवधि सात बार बढ़ाई गई, जिसके बाद अब आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें सरकार को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी गई।

 

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