फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Relief to Principals of Inter Colleges, stay order on cancellation of appointments

UP News : इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, नियुक्तियां रद्द करने के फैसले पर स्थगन आदेश

Tue, 28 Feb 2023 01:48 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 28 Feb 2023 01:48 PM IST
सार

खंडपीठ ने माना कि बड़ी सख्या में हो चुकी नियुक्तियां एकल पीठ के द्वारा दिये गये आदेश से प्रभावित होंगी। याचिकाकर्ता प्रधानाचार्य के पद पर दिसम्बर 2022 से कार्य भी कर रहे हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगली सुनवाई तक इस मामले पर यथास्थिति कायम रखी जाए।

विज्ञापन
Relief to Principals of Inter Colleges, stay order on cancellation of appointments
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रधानाचार्यो की नियुक्तियों को रद् करने के एकल पीठ के फैसले के खिलाफ दाखिल विशेष अपील पर स्थगन आदेश पारित किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने श्याम शंकर उपाध्याय व अन्य तथा यूपी सेकेंड्री एजुकेशन सर्विसेज, इलाहाबाद की ओर से दाखिल दो अलग-अलग अपीलों को एक साथ जोड़ते हुए दिया है। खंडपीठ ने प्रदेश भर के इंटर कॉलेजों और हाईस्कूलों में वर्ष 2013 के विज्ञापन संख्या 3 के क्रम में हुई प्रधानाचार्यों की नियुक्तियां रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ यह स्थगन आदेश दिया है।

विज्ञापन


सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने माना कि बड़ी सख्या में हो चुकी नियुक्तियां एकल पीठ के द्वारा दिये गये आदेश से प्रभावित होंगी। याचिकाकर्ता प्रधानाचार्य के पद पर दिसम्बर 2022 से कार्य भी कर रहे हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगली सुनवाई तक इस मामले पर यथास्थिति कायम रखी जाए। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। प्रधानाचार्यों की इस नियुक्ति प्रकिया (वर्ष 2013 में विज्ञापन संख्या 3) के खिलाफ एकल पीठ में याचिका दाखिल की गई थी। 
विज्ञापन


इसमें कहा गया था कि चयन प्रकिया नौ वर्षों तक ठप रही और अचानक वर्ष 2022 में एक माह के भीतर नियम दरकिनार कर पूरा कर दिया गया। एकल पीठ ने 1 फरवरी 2023 के फैसले में कहा था कि विज्ञापन जारी करने के नौ वर्ष बाद की गईं नियुक्तियां संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन हैं। वर्ष 2014 के बाद जिन अभ्यर्थियों ने इन पदों के लिए योग्यता हासिल की, उनकी नियुक्ति पर विचार करने से सिर्फ इसलिए वंचित कर दिया गया क्योंकि नौ वर्षों तक इस विज्ञापन के क्रम में नियुक्ति प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया। एकल पीठ ने नियुक्तियों को रद् कर नए सिरे से नियमानुसार नियुक्तियों की प्रकिया को पूरा किए जाने का आदेश भी दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed