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अखिलेश सरकार को मिला 'बड़ा मौका'

Thu, 04 Sep 2014 01:17 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 04 Sep 2014 01:17 AM IST
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relief from power crisis but schedule to be uncertain.

प्रदेश के लोगों को शिड्यूल के मुताबिक बिजली के लिए अभी और इंतजार करना होगा। मौसम बदलने की वजह से प्रदेश में बिजली की मांग कम तो हुई है लेकिन जरूरत भर उपलब्धता अब भी नहीं है।

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खास तौर पर शाम के वक्त अभी 1000 मेगावाट से ज्यादा की कमी बनी हुई है। एनर्जी एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीदने के बावजूद सभी जगह शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है।
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इस बीच दिल्ली में 9 सितंबर को बुलाए गए देश भर के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन में राज्य सरकार की ओर से पर्याप्त कोयला और पूरा बिजली का कोटा न मिलने का मुद्दा पूरी जोरदारी के साथ उठाने की तैयारी की जा रही है।
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सम्मेलन में यूपी की ओर से प्रदेश को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई जाएगी। गौरतलब है कि सूबे की सरकार ने पहले भी कहा है कि राज्य में बिजली की समस्या पर केंद्र से कोई सहयोग नहीं मिला है। अब सरकार इस मुद्दे को फिर से उठाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों को दी जा रही 10 घंटे से ज्यादा बिजली

relief from power crisis but schedule to be uncertain.

बारिश थम जाने की वजह से बुधवार को प्रदेश में बिजली की मांग करीब 12,000 मेगावाट तक पहुंच गई लेकिन लगभग 11,500 मेगावाट उपलब्धता होने की वजह से आपूर्ति व्यवस्था में बहुत ज्यादा कठिनाई नहीं आई।

बंद इकाइयों के चालू हो जाने के बाद केंद्रीय सेक्टर से लगभग 5000 मेगावाट बिजली मिलने लगी है जबकि राज्य के बिजलीघरों में भी करीब 2350 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

नियंत्रण कक्ष के अभियंताओं का कहना है कि शाम सात बजे से रात 11 बजे के बीच पीक आवर्स में थोड़ी-बहुत अतिरिक्त आपात कटौती करनी पड़ रही है।

शेष अवधि में आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है। उद्योगों की कटौती पूरी तरह बंद कर दी गई है जबकि ग्रामीण इलाकों को 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति की जा रही है।

केंद्र ने भी नहीं की आपूर्ति

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नियंत्रण कक्ष के अभियंताओं के अनुसार फिलहाल बिजली की कमी की वजह से कहीं कटौती नहीं की जा रही है। स्थानीय स्तर पर तकनीकी गड़बड़ियों के कारण जरूर आपूर्ति बाधित हो सकती है।

जिलों को 18 घंटे, मंडलों को 22 घंटे, बुंदेलखंड को 20 घंटे तथा महानगरों को 23 घंटे से ज्यादा की आपूर्ति हो रही है।

पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में बिजली की समस्या बिजलीघरों को जरूरत भर कोयले की आपूर्ति न होने तथा केंद्र से कोटे की पूरी बिजली न मिलने की वजह से हुई है।

अनपरा की 500 मेगावाट की एक इकाई के बंद चल रही है, जिससे बिजली की उपलब्धता कम हो गई है। केंद्र से अपेक्षित सहयोग न मिलने की वजह से पिछले दिनों समस्या कुछ ज्यादा बढ़ गई थी।

सम्मेलन में उठाया जाएगा ये मुद्दा

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9 सितंबर को दिल्ली में होने जा रहे राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन में प्रदेश की तरफ से कोयले की आपूर्ति, कोटे की पूरी बिजली न उपलब्ध कराए जाने समेत अन्य बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

बिजली संकट और सुधरते हालात पर यूपी पावर कार्पोरेशन व प्रमुख सचिव ऊर्जा अध्यक्ष संजय अग्रवाल का कहना है कि ‘प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पर्याप्त बिजली की उपलब्धता के चलते उद्योगों की कटौती बंद कर दी गई है जबकि गांवों को निर्धारित शिड्यूल से ज्यादा आपूर्ति की जा रही है।

एनर्जी एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीदकर आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर रखी जा रही है। आज भी एक्सचेंज से 15 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी गई है।’

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