रीता जोशी आरोप मुक्त, रवि किशन पर तय होगा आरोप!
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वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान बगैर इजाजत लिए जनसभा कर आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में एसीजेएम कोर्ट ने कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी को आरोप मुक्त कर दिया है।
वहीं इसी मामले में अदालत ने भोजपुरी फिल्म अभिनेता रवि किशन व दिनेश तिवारी की आरोपमुक्त किए जाने की अर्जी खारिज कर दी। एसीजेएम हितेंद्र हरि ने रवि किशन व दिनेश पर आरोप तय करने का आदेश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
वकील राकेश कुमार मिश्र ने कोर्ट में रीता बहुगुणा जोशी को आरोपमुक्त करने की मांग वाली अर्जी देकर दलील दिया कि उनके मुवक्किल ने किसी प्रकार से आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है। बल्कि राजनैतिक द्वेषवश उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कहा गया कि पुलिस ने इस मामले में बिना ठोस सुबूत जुटाए भारतीय दंड संहिता की धारा 171 (एच) के तहत चार्जशीट दायर कर दी।
कोर्ट ने कहा- दंडित करने का प्रावधान नहीं
कोर्ट ने रीता बहुगुणा जोशी को आरोपमुक्त करते हुए कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 171 (एच) में किसी प्रत्याशी को दंडित करने का कोई प्राविधान नहीं है।
बल्कि इस धारा के तहत मात्र उस व्यक्ति को दंडित किया जा सकता है जिसने बिना प्रत्याशी की लिखित इजाजत के गैरकानूनी तरीके सेकिसी जनसभा या चुनाव प्रचार के लिए खर्च किया हो। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में रीता जोशी प्रत्याशी थीं जबकि रवि किशन व दिनेश तिवारी प्रत्याशी न होकर समर्थक थे।
यह है मामला
सर्राफा बाजार चौकी इंचार्ज धर्मवीर सिंह ने कृष्णानगर थाने में 21 अप्रैल 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराया कि 21 अप्रैल को बसंत प्लाजा के सामने पार्किंग स्थल पर कांग्रेस की लोकसभा प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी द्वारा रात 9 बजे से 10 बजे के बीच 200-250 व्यक्तियों की जनसभा का आयोजन किया गया था।
इसके लिए कोई इजाजत नहीं ली गई थी। जनसभा को नियम विरुद्ध तरीके से रीता बहुगुणा जोशी के अलावा व रवि किशन, दिनेश तिवारी, अनूप श्रीवास्तव ने संबोधित करकेआचार संहिता का उल्लंघन किया है।