खुशखबरी: डेढ़ लाख शिक्षकों को मिलेगा मानदेय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंत्री मकबूल अली ने बताया कि वित्त विहीन स्कूलों के शिक्षकों को मानदेय देने के लिए शासन स्तर पर कमेटी गठित कर दी गई है।
इसमें वित्त विहीन शिक्षक संघ व वित्त विहीन माध्यमिक महासभा के पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया है।
कुछ मुद्दों पर आम सहमति नहीं बन पाने के कारण मानदेय का मामला लटका हुआ है, लेकिन जल्द ही इसे सुलझा लिया जाएगा।
इससे प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख वित्त विहीन शिक्षक लाभान्वित होंगे।
ऑन लाइन मिलेगी मान्यता
माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि जल्द ही माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा हाईस्कूल व इंटरमीडिएट स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाएगी।
इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। वहीं, वित्त विहीन स्कूलों के शिक्षकों को भी मानदेय देने की योजना है।
उन्होंने ‘अमर उजाला’ से फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि स्कूलों की ऑनलाइन मान्यता देने के बारे में शासन स्तर पर मंथन किया जा रहा है।
अभी तक लगाने पड़ते हैं चक्कर
जन-जन तक शिक्षा पहुंचाने, शैक्षिक उन्नयन व मान्यता की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से मान्यता की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जा रहा है।
गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल व इंटरमीडिएट स्कूलों की मान्यता की फाइल विभागीय स्तर पर जमा की जाती है।
मान्यता के लिए स्कूल संचालक/प्रबंधक विभागीय बाबुओं के चक्कर लगाते रहते हैं। कागजी कोरम पूरा नहीं होने की बात कह कर मान्यता की फाइल को बाबू रोके रखते हैं।
शासन को इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रहीं थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मान्यता देने की प्रक्रिया ऑनलाइन करने का फैसला किया गया है।