घरेलू बिजली कनेक्शन लेने वालों को बड़ी राहत!
घरेलू बिजली कनेक्शन लेने वालों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। घरेलू बत्ती-पंखा का कनेक्शन लेने के लिए अब बीएंडएल फॉर्म (कार्यपूरक प्रमाणपत्र) की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इससे नया कनेक्शन लेने तथा बिजली का लोड बढ़वाने वालों को अब कार्यपूरक प्रमाणपत्र बनवाने के लिए राज्य सरकार के लाइसेंसधारी ठेकेदारों को मनमानी रकम नहीं देनी पड़ेगी।
प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने बुधवार को बीएंडएल फॉर्म समाप्त करने संबधी अधिसूचना जारी कर दी। पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा ने सभी विद्युत वितरण निगमों को अधिसूचना की प्रति भेजकर इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
अभी तक घरेलू नया कनेक्शन लेने तथा बिजली का लोड बढ़वाने के लिए आवेदन पत्र के साथ सरकारी लाइसेंसधारी ठेकेदार की ओर से जारी बीएंडएल फॉर्म भी संलग्न करना पड़ता था।
ठेकेदार कनेक्शन लेने वालों से 100-150 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से फीस लेकर मकान में बिजली संबंधी कार्य पूरा होने का प्रमाणपत्र जारी करता था। कहीं-कहीं ठेकेदार बिजलीकर्मियों की साठगांठ से मनमानी फीस वसूलते थे।
अब सिर्फ एक बॉण्ड ही भरना होगा
हालांकि पिछले दिनों नए कनेक्शन के लिए चलाए गए अभियान के दौरान भी बगैर बीएंडएल फॉर्म के कनेक्शन देने की व्यवस्था की गई थी लेकिन अब शासन ने औपचारिक रूप से अधिसूचना जारी करके घरेलू कनेक्शनों के लिए इसकी बाध्यता पूरी तरह समाप्त कर दी है। अब बत्ती-पंखा कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत बॉण्ड का एक प्रपत्र ही भरना होगा।
ठेकेदारों की मनमानी वसूली से मिलेगी निजात
अभी तक बीएंडएल फॉर्म की आड़ में उपभोक्ताओं का बड़े पैमाने पर शोषण हो रहा था। खास तौर पर दूर-दराज के गांवों और कस्बों के लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री को इस समस्या से अवगत कराया था।
इस पर मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव ऊर्जा को बीएंडएल फॉर्म की आनिवार्यता समाप्त कर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। प्रमुख सचिव ऊर्जा ने इसके विकल्प के रूप में व्यक्तिगत बॉण्ड भरने का प्रावधान करते हुए मुख्यमंत्री से मंजूरी लेकर इसकी अधिसूचना जारी कर दी।