जानें, क्यों खास है लखनऊ का आईटी सिटी?
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बस 26 महीने और। लखनऊ में एक नया शहर आबाद हो जाएगा। तकनीक का शहर (आईटी सिटी) में ट्रिपल आईटी के साथ अत्याधुनिक सुविधाओं वाला मेदांता अवध सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल भी होगा।
बुधवार को सीएम अखिलेश यादव ने सुल्तानपुर रोड पर चक गंजरिया (सीजी) सिटी में इन सौगातों की नींव रखी। इस मौके पर एचसीएल ग्रुप के चेयरमैन शिव नादर, मेदांता के संस्थापक पद्मभूषण डॉ. नरेश त्रेहन व राज्यसभा सांसद जया बच्चन भी उपस्थित थीं।
एचसीएल की वामा सुंदरी एंटरप्राइजेज आईटी सिटी डवलप करेगी। केंद्र सरकार ने इसे स्पेशल इकोनॉमिक जोन का दर्जा दिया है।
शिलान्यास के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी सिटी समेत ये तीनों परियोजनाएं न सिर्फ रोजगार के मौके बढ़ाएंगी बल्कि इनसे लखनऊ और प्रदेश का महत्व भी बढ़ेगा। ये परियोजनाएं 2017 में चुनाव से पहले पूरे हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि कई योजनाएं पूरी हो गई हैं तो कई नई शुरू होंगी।
जिनको जो कहना है, कहते रहें
अखिलेश ने कहा, बाकी सरकारें जो पांच साल में नहीं कर पाईं, हमने ढाई साल में कर दिखाया। सरकार की योजनाओं को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे काम करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
जिनको जो कहना है, कहते रहें। उन्होंने मेट्रो रेल, एक्सप्रेस-वे, जिलों को फोर लेन सड़कों से जोड़ने की योजना की चर्चा की तो मुफ्त सिंचाई, साइकिल पर वैट से छूट का भी उल्लेख किया।
इसलिए खास आईटी सिटी
100 एकड़ में फैली आईटी सिटी में अत्याधुनिक आईटी डिलीवरी सेंटर, स्किल डवलपमेंट सेंटर, कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स के अलावा सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर मसलन स्कूल, हॉस्पिटल, आवासीय यूनिटें होंगी। आईटी सिटी पेशेवरों के लिए वॉक टू वर्क सिद्धांत को प्रोत्साहित करेगी।