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409 अपात्र व्यक्तियों का राशन कार्ड निरस्त
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अंबेडकरनगर। क्रय केंद्र पर लाखों रुपये के धान व गेहूं की बिक्री करने के बाद भी पात्र गृहस्थी के राशन का लाभ उठाते 409 व्यक्ति पाए गए। ऐसे व्यक्तियों में से किसी ने शहरी क्षेत्र में क्रय केंद्र पर 3 लाख रुपये, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के क्रय केंद्र पर 2 लाख रुपये की लागत के धान व गेहूं की बिक्री की थी। इसके बाद भी वे पात्र गृहस्थी के राशनकार्ड से सस्ते दर पर खाद्यान्न कोटे से उठा रहे थे। मामला सामने आने के बाद संबंधित के राशन कार्ड को निरस्त कर दिया गया। जिलापूर्ति विभाग के अनुसार अन्य राशन कार्डधारकों का भी सत्यापन कराया जाएगा।
आर्थिक रूप से कमजोरों को सस्ते दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए संबंधित व्यक्तियों को राशन कार्ड के माध्यम से सस्ते दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराए जाने की योजना केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा संचालित हो रही हैं। बताते चलें कि जिले में कुल 4 लाख 1 हजार 651 राशन कार्डधारक हैं। इनमें 3 लाख 35 हजार 684 पात्र गृहस्थी, जबकि 65 हजार 967 अंत्योदय कार्डधारक हैं। पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों को 2 किग्रा. गेहूं व 3 किग्रा. चावल प्रति यूनिट, जबकि अंत्योदय कार्डधारकों को 20 किग्रा. गेहूं व 15 किग्रा. चावल प्रति राशन कार्ड सस्ते दर पर उपलब्ध कराया जाता है। मौजूदा समय में कोरोना संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत नवंबर माह तक निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि प्रदेश सरकार द्वारा भी तीन माह तक निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है।
इस बीच लगातार शिकायतें भी आ रही थीं कि तमाम अपात्र ऐसे हैं, जो राशनकार्ड बनवाकर सस्ते दर पर खाद्यान्न ले रहे हैं। इसे संज्ञान में लेते हुए बीते दिनों जिलापूर्ति विभाग ने जांच कराई, तो पाया कि 409 पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारक ऐसे हैं, जिन्होंने शहरी क्षेत्र में 3 लाख रुपये, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 2 लाख रुपये के धान व गेहूं की बिक्री संबंधित क्षेत्र के क्रय केंद्र पर की है। यह मामला सामने आते ही संबंधित के राशन कार्ड को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। उधर जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि जांच में 409 राशन कार्डधारक अपात्र पाए गए थे। संबंधित के राशन कार्ड को निरस्त कर दिया गया है। शीघ्र ही अन्य विभागों में जांच कराई जाएगी। यदि इस दौरान कोई अपात्र पाया गया, तो उसका भी राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा।
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आर्थिक रूप से कमजोरों को सस्ते दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए संबंधित व्यक्तियों को राशन कार्ड के माध्यम से सस्ते दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराए जाने की योजना केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा संचालित हो रही हैं। बताते चलें कि जिले में कुल 4 लाख 1 हजार 651 राशन कार्डधारक हैं। इनमें 3 लाख 35 हजार 684 पात्र गृहस्थी, जबकि 65 हजार 967 अंत्योदय कार्डधारक हैं। पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों को 2 किग्रा. गेहूं व 3 किग्रा. चावल प्रति यूनिट, जबकि अंत्योदय कार्डधारकों को 20 किग्रा. गेहूं व 15 किग्रा. चावल प्रति राशन कार्ड सस्ते दर पर उपलब्ध कराया जाता है। मौजूदा समय में कोरोना संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत नवंबर माह तक निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि प्रदेश सरकार द्वारा भी तीन माह तक निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है।
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इस बीच लगातार शिकायतें भी आ रही थीं कि तमाम अपात्र ऐसे हैं, जो राशनकार्ड बनवाकर सस्ते दर पर खाद्यान्न ले रहे हैं। इसे संज्ञान में लेते हुए बीते दिनों जिलापूर्ति विभाग ने जांच कराई, तो पाया कि 409 पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारक ऐसे हैं, जिन्होंने शहरी क्षेत्र में 3 लाख रुपये, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 2 लाख रुपये के धान व गेहूं की बिक्री संबंधित क्षेत्र के क्रय केंद्र पर की है। यह मामला सामने आते ही संबंधित के राशन कार्ड को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। उधर जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि जांच में 409 राशन कार्डधारक अपात्र पाए गए थे। संबंधित के राशन कार्ड को निरस्त कर दिया गया है। शीघ्र ही अन्य विभागों में जांच कराई जाएगी। यदि इस दौरान कोई अपात्र पाया गया, तो उसका भी राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा।
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