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12 साल की नाबालिग बनी एक बच्ची की मां, नौ महीने पहले हुआ था दुष्कर्म
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 01 Jan 2018 03:09 PM IST
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rape
महज 12 साल की बच्ची..। खेलने-कूदने की उम्र..। एक दरिंदे ने बच्ची को मां बनने को मजबूर कर दिया। शनिवार शाम शहर केएक अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद बेटे को जन्म दिया है। इससे पहले भी दरिंदगी की शिकार एक बच्ची मां बनी थी। इस मामले में बच्ची और उसके बच्चे को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आशा ज्योति केंद्र की एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर अर्चना सिंह बताती हैं कि बच्ची को सुबह से ही लेबर पेन हो रहा था। पर, उसकी मां लोकलाज के डर से उसे अस्पताल ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। हमें एक गोपनीय फोन आया, जिसके बाद हम उसके घर पहुंचे। मां की काउंसलिंग के बाद बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने बेटे को जन्म दिया।
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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आशा ज्योति केंद्र की एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर अर्चना सिंह बताती हैं कि बच्ची को सुबह से ही लेबर पेन हो रहा था। पर, उसकी मां लोकलाज के डर से उसे अस्पताल ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। हमें एक गोपनीय फोन आया, जिसके बाद हम उसके घर पहुंचे। मां की काउंसलिंग के बाद बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने बेटे को जन्म दिया।
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बच्ची छिपाए रही...
बच्ची के साथ दरिंदगी हुई। वह इतना सहमी हुई थी कि किसी को कुछ नहीं बताया। मां को शक हुआ तो पहले से ही डरी-सहमी बच्ची को मां ने मारपीट कर सच पता किया। इसके बाद मां ने हिम्मत दिखाई और इंदिरानगर थाने में केस तो दर्ज करा दिया, लेकिन इतनी देर हो चुकी थी कि बच्ची को मां बनने से नहीं रोक सकी। एसओ इंदिरानगर मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि आरोपी अजय उर्फ छोटू दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में है।
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कठघरे में खाकी
अर्चना सिंह कहती हैं कि आठ अगस्त को इंदिरानगर थाने में केस दर्ज कराया गया था। आरोपी जेल में है, लेकिन एफआईआर में कहीं भी बच्ची की उम्र स्पष्ट नहीं है। जबकि आधार कार्ड के मुताबिक उसकी उम्र 12 वर्ष है। इतना ही नहीं इस मामले में पुलिस न कोई फॉलोअप नहीं किया, यह भी जांच का विषय है।
बच्ची गहरे सदमे में
मौके पर मौजूद बाल कल्याण समिति की सदस्या संगीता शर्मा कहती हैं कि बच्ची गहरे सदमे में है। हम उससे मिले हैं। सीडब्ल्यूसी की प्रक्रिया के तहत बच्चे को समिति को सरेंडर करते हुए उसे ‘फ्री फॉर अडॉप्शन’ के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।