इलाहाबाद सूबे में सबसे साफ, मोदी की वाराणसी गंदी
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साफ-सुथरा शहरों की रैंकिंग में यूपी के प्रदर्शन को इलाहाबाद और लखनऊ ने बेहतर बनाया है। इलाहाबाद जहां सूबे में अव्वल रहा, वहीं 73 शहरों की ऑल इंडिया स्वच्छता रैंकिंग में इसका 22वां स्थान रहा।
सूबे में दूसरे स्थान पर रहे लखनऊ की ऑल इंडिया रैंक 28 रही। खराब प्रदर्शन करने वाले शहरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र शामिल है। वाराणसी की ऑल इंडिया रैंकिंग 65वीं रही। वहीं यूपी के सात शहरों में वाराणसी 5वें स्थान पर है।
4-15 जनवरी तक यूपी में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम सोमवार को दोपहर में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने जारी किया। इस सर्वेक्षण में यूपी के सात शहर शामिल थे। शहरी विकास मंत्रालय ने शहरों को चार ग्रुप में बांटा है।
पहली सूची लीडर्स की है। इसमें 15 शहर शामिल हैं, लेकिन यूपी का कोई नहीं है। दूसरी सूची इंस्पायरिंग लीडर्स की है। इसमें 20 शहर हैं, इलाहाबाद और लखनऊ इसी ग्रुप में हैं।
सुधार की जरूरत (एक्सीलरेशन रिक्वायर्ड) वाले शहरों में कानपुर और आगरा को रखा गया है। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले गंदे शहर यानी स्लो मूवर्स वर्ग में यूपी के तीन शहर रखे गए हैं। इनमें वाराणसी के साथ एनसीआर का हिस्सा गाजियाबाद और मेरठ हैं।
नहीं चला मोदी का जादू
वाराणसी के घाटों पर झाडू लगाकर सफाई का संदेश पीएम मोदी ने 2014 में दिया था। इसके बाद से उम्मीद की जा रही थी कि वाराणसी का साफ-सुथरा शहरों में शुमार होगा लेकिन सबसे गंदी जगहों में वाराणसी से नीचे केवल नौ शहर ही हैं।
यूपी की साफ-सफाई का हाल
लीडर्स- कोई नहीं।
इंस्पायरिंग लीडर्स- इलाहाबाद, लखनऊ
एक्सीलरेशन रिक्वायर्ड- कानपुर, आगरा
स्लो मूवर्स- वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ
स्वच्छता रैंकिंग : फैक्ट फाइल
शहर--ऑल इंडिया रैंक--यूपी रैंक
इलाहाबाद--22--1
लखनऊ--28--2
कानपुर--45--3
आगरा--47--4
वाराणसी--65--5
गाजियाबाद--67--6
मेरठ--69--7