रामपुर एसआईआर मामला: चुनाव आयोग ने किया स्पष्ट, प्रवासी मतदाता भर सकते हैं फॉर्म; आया था दुबई-कुवैत कनेक्शन
Rampur SIR case: रामपुर में एसआईआर के तहत दर्ज केस वापस हो सकता है। इसमें एक महिला ने दुबई और कुवैत में रह रहे अपने भाइयों का एसआईआर फॉर्म भरवा दिया था।
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रामपुर और सहारनपुर में गलत ढंग से गणना प्रपत्र भरने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। रामपुर में तथ्यों को छिपाते हुए गणना प्रपत्र जमा किया गया था, जबकि सहारनपुर में फॉर्म पर मतदाता के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। इसे निर्वाचन नियमों का उल्लंघन बताते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। चुनाव आयोग ने जारी निर्देशों में कहा है कि वर्ष-2011 में भारतीय संसद ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 में संशोधन करते हुए नियम 20-क बनाया, जिसके तहत विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उनके पंजीकरण की व्यवस्था बनाई गई। यह सामान्य मतदाताओं से इतर प्रवासी भारतीय मतदाता की श्रेणी के रूप में रखी गई।
प्रवासी भारतीय निर्वाचक एक ऐसा व्यक्ति है, जो भारत की नागरिकता रखता हो। साथ ही भारत को छोड़कर किसी अन्य राष्ट्र में रोजगार, शिक्षा या अन्य किसी कारण से रह रहा हो और जिसने किसी अन्य राष्ट्र की नागरिकता प्राप्त न की हो। ऐसे व्यक्ति पासपोर्ट में दर्ज पते पर अपना वोट बनवा सकते हैं। प्रवासी भारतीय नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए ऑफलाइन फार्म-6ए भरकर संबंधित ईआरओ के पास डाक से भेज सकते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन भी फॉर्म संबंधित ईआरओ के पास भेज सकते हैं। साथ ही उसे अपने वीजा की कॉपी भी लगानी होगी। सभी दस्तावेज उसे स्व प्रमाणित करने होंगे।
प्रवासी मतदाता को जारी नहीं किया जाता फोटो पहचान पत्र
प्रवासी मतदाता को यदि विदेश जाने से पहले भारत में मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किया गया हो, तो उसे फार्म-6ए प्रस्तुत करने के साथ वापस किया जाएगा। निर्वाचक नामावली के जिस भाग में प्रवासी मतदाता का नाम पंजीकृत होगा, उस भाग की निर्वाचक नामावली के अंतिम सेक्शन में प्रवासी मतदाता के रूप में पृथक सूची तैयार की जाएगी। इसके अलावा सामान्य मतदाताओं की तरह प्रवासी मतदाता भी सूची से नाम हटवाने या संशोधन के लिए फॉर्म-7 व 8 का उपयोग कर सकते हैं। प्रवासी निर्वाचक को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी नहीं किया जाता है। मतदाता सूची में नाम शामिल हो जाने के बाद प्रवासी मतदाता मतदान करने के लिए योग्य हो जाते हैं। मतदान केंद्र में मतदान करते समय प्रवासी मतदाता की पहचान केवल उसके मूल पासपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
आवेदन मिलने पर केस वापसी पर कर सकते हैं विचार -डीएम
चुनाव आयोग ने एसआईआर के लिए नामित किए चार प्रेक्षक
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में चल रहे एसआईआर की निगरानी के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में तैनात संयुक्त सचिव स्तर के 4 आईएएस अधिकारियों को विशेष रोल प्रेक्षक नियुक्त किया है। इनमें निखिल गजराज, जावड़ी वी नागा सुब्रमण्यम, कुणाल और सिद्दार्थ जैन शामिल हैं।
आयोग ने निखिल गजराज को सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल, जावड़ी वी नागा सुब्रमण्यम को लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली, झांसी, चित्रकूट धाम और प्रयागराज मंडल, कुणाल को देवीपाटन, बस्ती, अयोध्या व वाराणसी मंडल और सिद्दार्थ जैन को आजमगढ़, गोरखपुर व मिर्जापुर मंडल का विशेष रोल प्रेक्षक बनाया है।
विशेष रोल प्रेक्षक के रूप में नियुक्त अधिकारियों का दायित्व होगा कि एसआईआर से संबंधित निर्देशों का पालन सुनिश्चित हो। कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने से न छूटे और न ही कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने पाए। विशेष रोल प्रेक्षक का दायित्व गणना चरण से लेकर मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि तक रहेगा। विशेष रोल प्रेक्षक अपने कार्य क्षेत्र में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ समन्वय करते हुए कार्य करेंगे।