बिल्डिंग व होटल के बाद अब सपा विधायक की कोठी होगी ध्वस्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर के विधायक रामपाल यादव की जियामऊ स्थित अवैध बिल्डिंग व सीतापुर के स्पर्श होटल का आधा हिस्सा ढहाये जाने के बाद अब नंबर उनकी कोठी का है। गोमतीनगर विनयखंड-3 में स्थित कोठी को एलडीए ने निशाने पर ले लिया है। नियमों को दरकिनार कर यह कोठी दो प्लॉटों को जोड़ कर बनाई गई है।
इसको सील करके डिमोलिशन आर्डर बनाने की फाइल भी एलडीए के प्रवर्तन विभाग में चलने लगी है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्राधिकरण के दस्ते का रुख इस कोठी की ओर भी हो सकता है।
हालांकि इसमें विधायक रहते हैं, इसलिए कब्जे के आधार पर यहां ध्वस्तीकरण आसान नहीं होगा। वहीं एक बार फिर से प्राधिकरण में अब कोई भी अधिकारी रामपाल के मुद्दे पर बोलने के लिए राजी नहीं है।
दो भूखंडों को मिलाकर निर्माण कराना अवैध
एलडीए की पॉश कॉलोनी विनयखंड-3 में रामपाल ने भूखंड संख्या 244 और 245 को मिला कर एक भवन का निर्माण किया गया है। एलडीए के नियमों के हिसाब से दो भूखंडों को मिलाकर निर्माण कराना अवैध है।
इसी को लेकर इस भवन के खिलाफ भी एक्शन लिए जाने की तैयारी है। प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि पहले नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई होगी।
25 लाख तक में नीलाम होगा मलबा
जियामऊ के कॉम्प्लेक्स का मलबा और स्क्रैप भी एलडीए ने जब्त कर लिया है। इस मलबे में खासतौर पर सरिया, एंगिल बड़ी मात्रा में है। इसे नीलाम किया जाएगा। अनुमान है कि करीब 25 लाख रुपये में मलबा नीलाम होगा। मलबा फिलहाल पुलिस की निगरानी में है।
जेल में सो नहीं पाए रामपाल यादव, नुकसान जोड़ते रहे
वहीं, जियामऊ में अवैध कॉम्प्लेक्स ढहाने के दौरान एलडीए अधिकारी की पिटाई व उपद्रव के आरोप में जेल गए सपा के बर्खास्त विधायक रामपाल यादव को शुक्रवार रात नींद नहीं आई।
पूरी रात वह कॉप्लेक्स टूटने से हुए नुकसान के जोड़-तोड़ में उलझे रहे। विधायक ने खाना भी नहीं खाया। जेल में वह काफी परेशान दिखे। इस दौरान सपा के कुछ नेता उनसे मिलने आए लेकिन जेल अधिकारियों ने मुलाकात का वक्त न होने की बात कहकर उन्हें बैरंग लौटा दिया।
शुक्रवार शाम उपद्रव, मारपीट, बलवा और हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में उन्हें व समधी पूर्व विधायक राजेंद्र यादव सहित जितेंद्र, शिवेंद्र, पुष्पेंद्र, शिवकुमार, गगन उर्फ अभिषेक, तौकीर अहमद और भारती यादव को जेल भेजा गया था।
जेल सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे रायबरेली के एक सपा नेता सेब-केले और अन्य खाद्य सामग्री तथा मिनरल वॉटर की बोतलें लेकर जेल आए।
उन्होंने विधायक रामपाल से मिलने की कोशिश की लेकिन गेट पर तैनात संतरियों ने मना कर दिया। सपा नेता ने बड़े नेताओं से जेल अधिकारियों को फोन कराया। जेल अधिकारी सपा नेता से मिले और रात को बैरकों के बंद होने की बात कहते हुए उन्हें रविवार सुबह पर्ची लेकर मुलाकात करने का सिस्टम समझाते हुए लौटा दिया।
खाना खाने से भी कर दिया इनकार
उधर, रामपाल को रात का खाना दिया गया तो उन्होंने इन्कार कर दिया। बंदी रक्षकों ने समझाने की कोशिश की तो विधायक ने करोड़ों का नुकसान होने के चलते भूख-प्यास खत्म होने की बात कहकर उसे टाल दिया। रात को उन्हें नींद भी नहीं आई। वह अपने समधी से नुकसान का ही जोड़-तोड़ करते रहे।
शनिवार को भी सपा के कुछ नेता ने विधायक से मिलने की कोशिश की लेकिन जेल अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रविवार को आने को कहा।
गौरतलब है कि विधायक का जियामऊ स्थित अवैध कॉम्प्लेक्स तोड़ने को लेकर बृहस्पतिवार दोपहर से रात तक जमकर बवाल हुआ था। विधायक ने एलडीए के एक अधिकारी को पीट दिया जिससे हालात बिगड़ गए। विधायक और उनके समर्थकों ने एलडीए अधिकारियों और पुलिस से भी हाथापाई और मारपीट की।
एलडीए सचिव पर पिस्टल तानकर गोली मारने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने विधायक और उनके समधी पूर्व विधायक सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ गौतमपल्ली थाना में एलडीए के अधिकारी की तरफ से हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट लिखाई गई थी।
अवैध खनन के कारण लगेगा पांच गुना जुर्माना
इसके अलावा जियामऊ में अवैध कॉम्प्लेक्स ध्वस्त किए जाने के बाद अब अवैध खनन को लेकर भी उनपर शिकंजा कसने जा रहा है। बेसमेंट बनवाने के लिए अवैध तरीके से मिट्टी खनन को लेकर खनन अनुभाग विधायक से रॉयल्टी के साथ ही पांच गुना जुर्माना वसूलेगा।
कितनी मिट्टी खोदी गई इसके लिए प्रभारी अधिकारी खनन के निर्देश पर अलग से मूल्यांकन कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी में शामिल खनन अनुभाग के अधिकारी व निरीक्षक जियामऊ मिट्टी खनन का आकलन कर पेनाल्टी की रकम व रॉयल्टी तय करेंगे।
प्रभारी खनन अधिकारी एवं एडीएम वित्त व राजस्व धनंजय शुक्ला ने बताया कि एलडीए सचिव ने अपनी रिपोर्ट में जियामऊ में ध्वस्त किए गए विधायक रामपाल के 8 हजार वर्गफीट पर बने अवैध कॉम्प्लेक्स में करीब दस फीट गहरी खोदाई कर बेसमेंट तैयार कराए जाने की जानकारी दी है।
गठित जांच टीम के आकलन के आधार पर अवैध तरीके से खोदी गई मिट्टी पर 14 रुपये प्रति घनमीटर की दर से रॉयल्टी और उसका पांच गुना जुर्माना के हिसाब से ब्यौरा तैयार किया जाएगा। इसके बाद रिकवरी नोटिस भेजकर आरोपी विधायक से सख्ती से वसूली की जाएगी।