एक दलीय शासन की तरफ बढ़ रहा देश, 2019 में मोदी आए तो फिर नहीं होंगे चुनाव: रामगोपाल यादव
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सपा के प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि देश एकदलीय शासन प्रणाली की तरफ जा रहा है। यदि 2019 में नरेंद्र मोदी फिर आ गए तो देश में आगे से चुनाव नहीं होंगे। रामगोपाल शनिवार को रमाबाई अंबेडकर मैदान में सपा के राज्य सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, हिटलर भी देश का गौरव वापस लाने के नाम पर सत्ता में आए थे और तानाशाह बन गए। जर्मनी को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी।
वहीं, सम्मेलन में अखिलेश यादव ने इशारों ही इशारों में शिवपाल सिंह यादव पर निशाना साधा। कहा, बनावटी समाजवादियों से सावधान रहना है। हमारे खिलाफ कई बार साजिशें हुई हैं। एक साजिश तो कामयाब भी रही और सपा विधानसभा चुनाव हार गई, लेकिन साजिशें करने वाले अब सफल नहीं होंगे।
सपा की स्थापना के बाद यह पहला सम्मेलन था जिसमें मुलायम और शिवपाल मौजूद नहीं थे। मुख्य मंच पर बैकड्रॉप में अखिलेश के साथ मुलायम की फोटो लगी हुई था लेकिन शिवपाल सपा की प्रचार सामग्री से नदारद थे।
अखिलेश ने कहा, नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने तमाम नेताओं को साथ लेकर समाजवादी आंदोलन को बढ़ाया। वे हमारे पिता हैं। उनका आशीर्वाद साथ है और आगे भी साथ रहेगा तो समाजवादी आंदोलन बढ़ता रहेगा।
'लोग समाजवादियों की तरफ देख रहे हैं'
अखिलेश ने कहा कि समाजवादियों की तरफ लोग देख रहे हैं। दूसरी पार्टियों के नेता सपा में आ रहे हैं। हमें जनता के बीच जाना है, सरकार की नाकामियों को बताना है। गोरखपुर व फूलपुर में लोकसभा उपचुनाव मजबूती से लड़ना है। योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना कहा कि गोरखपुर से सीएम बन गए लेकिन बच्चों की जान चली गई। सरकार ने उनकी मदद नहीं की। पीड़ित परिवारों की मदद समाजवादियों ने की है।
रोहिंग्या मुसलमानों जैसी हालत होगी : आजम
आजम खां ने मोदी सरकार पर हमला बोला। मुसलमानों को सावधान किया कि उनकी हालत भी रोहिंग्या मुसलमानों जैसी हो सकती है। कहा, यदि हमारी वजह से देश का सुख-चैन छिन रहा है तो बैठकर बात करो। गुजरात, मुजफ्फरनगर की तरह खून न बहाओ।
नरेश उत्तम फिर चुने गए प्रदेश अध्यक्ष
सपा के राज्य सम्मेलन में नरेश उत्तम पटेल एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष चुने गए। रामगोपाल ने उनके निर्वाचन की घोषणा की।
भाजपा को सत्ता से हटाना पहला लक्ष्य
विधानसभा में नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी ने राजनीतिक एवं आर्थिक प्रस्ताव रखा। इस पर एक दर्जन नेताओं ने विचार रखे। उनके सुझावों को शामिल करते हुए प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इसमें भाजपा को 2019 में केंद्र की सत्ता से हटाने को पहला लक्ष्य बताया गया है।