राम मंदिर चढ़ावा चोरी: हाईकोर्ट का मामले की न्यायिक जांच की याचिका पर सुनवाई से इंकार, की खारिज
Ram Temple offerings: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद की न्यायिक जांच कराने की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी है।
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच को उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग गठित करने के अनुरोध वाली एक नई जनहित पर सुनवाई से इन्कार करके निस्तारित कर दिया। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव द्वारा व्यक्तिगत रूप से दाखिल याचिका पर दिया। वहीं, हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले विशेष अनुसंधान दल से कराने के अनुरोध वाली अन्य जनहित याचिका पर भी सुनवाई से इन्कार करके निस्तारित कर दिया। यह याचिका गांधीवादी अधिवक्ता विचार मंच ने दाखिल की थी।
एसआईटी जांच में दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा : पंकज चौधरी
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी मंगलवार को अयोध्या पहुंचे। वह यहां एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उनके आगमन पर क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने स्वागत किया।
मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष ने हाल के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आजकल बिना पर्याप्त तथ्यों और साक्ष्यों के सांविधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं की विश्वसनीयता के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसियों को अपना कार्य पूरी निष्पक्षता और स्वतंत्रता के साथ करने देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संबंधित प्रकरण की एसआईटी जांच जारी है और प्रदेश सरकार पूरे मामले पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है। सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है कि घटना की तह तक पहुंचकर सच्चाई सामने लाई जाए। उन्होंने कहा कि जो घटना हुई है, वह निश्चित रूप से दुखद है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं और निगरानी तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
उन्होंने दोहराया कि एसआईटी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कर रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की प्राथमिकता कानून का राज स्थापित करना और जनता का विश्वास बनाए रखना है।