आजम पर राज्यपाल का तीखा पलटवार, मांगा रिकॉर्ड
- आजम ने नगर निगमों और नगर पालिकाओं से सम्बंधित विधेयकों के राजभवन में लंबित होने का उल्लेख करते हुए टिप्पणी की थी।
- राज्यपाल ने असंपादित प्रति, ऑडियो-वीडियो सीडी जल्द से जल्द मांगी है।
- ताजा प्रकरण से राजभवन व सरकार के रिश्तों में खटास बढ़ सकती है।
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बेईमान महापौरों को राजभवन का संरक्षण दिए जाने वाले नगर विकासमंत्री आजम खां के बयान का पूरा रिकॉर्ड राज्यपाल राम नाईक ने तलब कर लिया है। आजम ने मंगलवार को विधानसभा में नगर निगमों और नगर पालिकाओं से सम्बंधित विधेयकों के राजभवन में लंबित होने का उल्लेख करते हुए टिप्पणी की थी।
राजभवन से बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राज्यपाल ने आजम सहित आप (विधानसभा अध्यक्ष) और अन्य सदस्यों की बातों की असंपादित प्रति, ऑडियो-वीडियो सीडी जल्द से जल्द मांगी है। वे इन्हें पढ़ना व सुनना चाहते हैं।
क्या है पत्र में: राजभवन ने विस अध्यक्ष को जो पत्र भेजा है उसमें लिखा है कि राज्यपाल ने अखबारों में प्रकाशित समाचार संज्ञान लिया है।
वो राज्यपाल के विचाराधीन दो विधेयकों क्रमश: उत्तर प्रदेश नगर निगम(संशोधन) विधेयक 2015 तथा उत्तर प्रदेश नगरपालिका विधि (संशोधन) विधेयक 2015 पर 8 मार्च, 2016 को आजम खां, संसदीय कार्य एवं शहरी विकास मंत्री तथा आप (विधानसभा अध्यक्ष) समेत कुछ सदस्यों की टिप्पणी की असंपादित प्रतियां व सीडी देखना चाहते हैं।
रिश्तों में बढ़ सकती है खटास
ताजा प्रकरण से राजभवन व सरकार के रिश्तों में खटास बढ़ सकती है। आजम इससे पहले भी सदन और सदन के बाद राज्यपाल व राजभवन पर निशाना साध चुके हैं। सपा के कई अन्य नेताओं ने भी राज्यपाल को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं। इससे सरकार और राजभवन के रिश्ते बिगड़ते रहे हैं।
बीच-बीच में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव राज्यपाल से मिलकर रिश्ते ठीक करते रहे हैं।
विस अध्यक्ष की भूमिका से आहत: सूत्रों के मुताबिक आजम की टिप्पणियों के दौरान विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय की भूमिका से भी राज्यपाल काफी आहत व क्षुब्ध हैं। इसीलिए उन्होंने विधानसभा में की गई टिप्पणियों का रिकॉर्ड जस का तस मांगा है।