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समाज जागरण के प्रयास में राम मंदिर का आंदोलन भी शामिल था : स्वांत रंजन
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राष्ट्रधर्म पत्रिका के विशेषांक का विमोचन करते अतिथि।
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख स्वांत रंजन ने कहा कि बीती एक शताब्दी के दौरान हुए संघ के समाज जागरण के प्रयासों में राम मंदिर आंदोलन भी शामिल था। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 का हटना भी ऐसा ही प्रयत्न है। वह कैसरबाग स्थित कला मंडपम में राष्ट्रधर्म मासिक पत्रिका के विशेषांक ‘विकसित भारत’ के विमोचन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आक्रमणकारी ताकतों ने देश पर कुठाराघात किया। समाज आत्मकेंद्रित व असंगठित हो गया। अब समाज संगठित हो रहा है। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। राष्ट्र जागरण का आंदोलन बीते 100 वर्षों से चल रहा है। इसकी परिणति मात्र राम मंदिर बनाने की नहीं थी। इससे समाज का जागरण करना था। उन्हाेंने कहा कि हमें सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग छोड़ना होगा। कुंभ में इसका प्रयोग रोकने के प्रयास हो रहे हैं। अध्यक्षता करते हुए विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ है कि ज्ञान का भारत, ध्यान का भारत, सुरक्षित भारत और स्वच्छ भारत।
पत्रिका के संपादक प्रो. ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि राष्ट्रधर्म का दायित्व है कि वह समाज के घटनाक्रम को सबके समक्ष प्रस्तुत करे।
राष्ट्रधर्म प्रकाशन लिमिटेड के प्रबंधक डॉ. पवनपुत्र बादल ने कहा कि हम भारत के स्वाभिमान के विषयों पर कार्य करते आए हैं। अंत में संपादक मंडल के सदस्य डॉ. राज शरण शाही, डॉ. अमित कुशवाहा, डॉ. अनुज मिश्र, डॉ. अमित उपाध्याय, मानवेंद्र पंकज, कहानीकार नीलम राकेश, मदन मोहन पांडेय और अभिकर्ताओं को सम्मानित किया गया। संचालन निदेशक डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने किया। इस अवसर पर पत्रिका के निदेशक मनोजकांत, प्रभारी निदेशक सर्वेश चंद्र द्विवेदी, एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही, डॉ. अशोक दुबे, अभिनव भार्गव, रामजी भाई, विहिप के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि आक्रमणकारी ताकतों ने देश पर कुठाराघात किया। समाज आत्मकेंद्रित व असंगठित हो गया। अब समाज संगठित हो रहा है। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। राष्ट्र जागरण का आंदोलन बीते 100 वर्षों से चल रहा है। इसकी परिणति मात्र राम मंदिर बनाने की नहीं थी। इससे समाज का जागरण करना था। उन्हाेंने कहा कि हमें सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग छोड़ना होगा। कुंभ में इसका प्रयोग रोकने के प्रयास हो रहे हैं। अध्यक्षता करते हुए विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ है कि ज्ञान का भारत, ध्यान का भारत, सुरक्षित भारत और स्वच्छ भारत।
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पत्रिका के संपादक प्रो. ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि राष्ट्रधर्म का दायित्व है कि वह समाज के घटनाक्रम को सबके समक्ष प्रस्तुत करे।
राष्ट्रधर्म प्रकाशन लिमिटेड के प्रबंधक डॉ. पवनपुत्र बादल ने कहा कि हम भारत के स्वाभिमान के विषयों पर कार्य करते आए हैं। अंत में संपादक मंडल के सदस्य डॉ. राज शरण शाही, डॉ. अमित कुशवाहा, डॉ. अनुज मिश्र, डॉ. अमित उपाध्याय, मानवेंद्र पंकज, कहानीकार नीलम राकेश, मदन मोहन पांडेय और अभिकर्ताओं को सम्मानित किया गया। संचालन निदेशक डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने किया। इस अवसर पर पत्रिका के निदेशक मनोजकांत, प्रभारी निदेशक सर्वेश चंद्र द्विवेदी, एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही, डॉ. अशोक दुबे, अभिनव भार्गव, रामजी भाई, विहिप के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप आदि मौजूद रहे।
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