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राम मंदिर: अयोध्या के बहाने मोदी ने की 2024 साधने की कोशिश, 22 जनवरी को दिया जलाने की बात एक और प्रयोग
Sun, 31 Dec 2023 07:04 AM IST
रोहित मिश्र
सचिन मुद्गल, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
सचिन मुद्गल, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 31 Dec 2023 07:04 AM IST
सार
pm modi ayodhya visit: प्रधानमंत्री ने नवंबर में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव प्रचार समाप्त होते ही यूपी में विरासत को सम्मान के मुद्दे को धार देना शुरू कर दिया है। 28 नवंबर को मथुरा में मीरा बाई के जयंती समारोह में मोदी ने कहा था कि जल्द ही मथुरा में भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दिव्य और भव्य दर्शन होंगे।
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जनता का अभिवादन करते मोदी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले शनिवार को रामनगरी में रामपथ पर रोड शो कर राजपथ (लोकसभा चुनाव ) 2024 को साधा। करीब 35 मिनट के मोदी के संबोधन से साफ हो गया कि लोकसभा चुनाव में मोदी की गारंटी के साथ विकास और विरासत को सम्मान के मुद्दे पर ही भाजपा चुनाव मैदान में उतरेगी।
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अयोध्या में नवनिर्मित महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अयोध्या धाम स्टेशन के नवनिर्मित परिसर का लोकार्पण करने आए प्रधानमंत्री ने रामपथ पर रोड शो किया। फूलों से सजी-संवरी नई अयोध्या और जगह जगह राम भजनों की धुन त्रेतायुग की राम नगरी का भाव जागृत कर रही थी। प्रधानमंत्री ने पहली बार रोड शो किया तो स्थानीय लोगों ने भी सड़क पर गुलाब के फूलों की चादर बिछाकर रामनगरी को उसकी खोई पहचान लौटाने के लिए संकेतों के जरिये प्रधानमंत्री का आभार जताया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह से भाजपा और आरएसएस ने इस कार्यक्रम की ब्रांडिंग की थी, उससे देश ही नहीं पुरी दुनिया के लोगों की नजर इस कार्यक्रम पर थी।
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मोदी ने भी अयोध्या में रोड शो के साथ हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन की सौगात देकर अपने वोट बैंक को संदेश दे दिया कि अयोध्या आगे भी उनके एजेंडे में रहेगी। उनका मानना है कि रामलला के टेंट से लेकर भव्य राममंदिर तक के सफर, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, केदारनाथ धाम, महालोक धाम के विकास के साथ धार्मिक यात्राओं और परिक्रमाओं का जिक्र करते हुए लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संदेश दिया कि पहले जहां कई दशकों तक किसी ने धार्मिक महत्व के इन प्रतीक स्थलों को संभालने की सुध नहीं ली, उन्हें भाजपा सरकार ने महज दस साल में नई पहचान दी है।इतना ही नहीं मोदी की गारंटी का जिक्र करते हुए पीएम ने साफ कहा कि मोदी जो कहता है उसे पूरा करने के लिए दिन रात खपा देता है इसकी साक्षी अयोध्या भी है। इसके जरिये मोदी ने बता दिया कि 1990 में रथ यात्रा में अयोध्या में मंदिर बनाने का जो वादा किया था उसे पूरा किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकास और विरासत की यही साझा ताकत 21वीं सदी में सबसे आगे ले जाएगी। उससे साफ है कि लोकसभा चुनाव में कश्मीर से कन्याकुमारी तक भाजपा इसे अपनी चुनावी ढाल बनाएगी। वहीं, मोदी की गारंटी विपक्ष के खिलाफ चुनावी हथियार बनेंगे।
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चुनाव से पहले दो बड़े प्रयोग
यूं तो प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान शाम को थाली, घंटी बजवाकर और रात में टार्च की रोशनी कराकर अपनी स्वीकार्यता का परिचय दे दिया था। अब लोकसभा चुनाव के मैदान में उतरने से पहले 14 से 22 जनवरी तक मंदिरों और धार्मिक स्थलों में स्वच्छता अभियान चलाकर और 22 जनवरी को घरों में श्रीराम ज्योति जलवाकर मोदी विपक्ष को फिर बड़़ा संदेश देंगे कि जनता के बीच उनकी लोकप्रियता पहले से ज्यादा बढ़ी है।
प्रबंधन और सामंजस्य की मिसाल पेश की
अयोध्या 6 दिसंबर 1992 को ढांचा विध्वंस के दिन से ही अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रही है। पहले जहां अयोध्या के नाम पर विवाद होने का भय रहता था। वहीं मोदी ने अयोध्या के जरिये अपने कुशल राजनीतिक प्रबंधन का भी परिचय भी दिया है। 9 नवंबर 2019 को सर्वोच्च न्यायालय का फैसला रामलला के पक्ष में आने के दौरान यूपी सहित देश के किसी भी राज्य में कहीं भी तनाव और हिंसा नहीं हुई। 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर के भूमि पूजन का कार्यक्रम भी शांतिपूर्ण रहा था। श्रीराम जन्मभूमि विवाद में मुस्लिम समुदाय की ओर मुख्य पक्षकार रहे स्वर्गीय हासिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने भी शनिवार को अयोध्या में रोड शो के दौरान मोदी पर पुष्प वर्षा की।
विकास और विरासत से यूपी के मिशन 80 पर मोदी
प्रधानमंत्री ने नवंबर में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव प्रचार समाप्त होते ही यूपी में विरासत को सम्मान के मुद्दे को धार देना शुरू कर दिया है। 28 नवंबर को मथुरा में मीरा बाई के जयंती समारोह में मोदी ने कहा था कि जल्द ही मथुरा में भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दिव्य और भव्य दर्शन होंगे। उसके बाद मोदी ने 17 दिसंबर को वाराणसी में काशी-तमिल संगमम में शिककत की। शनिवार को अयोध्या में एयरपोर्ट के लोकार्पण के साथ रोड शो कर राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार भी दी। मोदी ने 32 दिन में यूपी तीसरा बड़ा दौरा किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी ने विकास और विरासत को सम्मान के जरिये यूपी में लोकसभा चुनाव में मिशन 80 को पूरा करने में जुट गए हैं।