फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ram is not communal: Rambhadracharya

राम सांप्रदायिक नहीं, बल्कि रा का अर्थ राष्ट्र, म का अर्थ मंगल : जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य

Thu, 07 Nov 2019 07:12 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 07 Nov 2019 07:12 PM IST
विज्ञापन
Ram is not communal: Rambhadracharya
डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पद्म विभूषण रामानंदाचार्य - फोटो : amar ujala

श्री रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलाध्यक्ष व पद्मविभूषण जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि राम सांप्रदायिक नहीं हैं। राम क्या हैं, यह हमें समझने की जरूरत है। रा का अर्थ राष्ट्र, म का अर्थ मंगल यानी राम का अर्थ राष्ट्र का मंगल चाहने वाला।

विज्ञापन


हमें अपने परिवार, वर्ग, जाति के लिए नहीं राष्ट्र के लिए काम करना चाहिए। युवा इसके लिए आगे आएं। वे डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में दीक्षांत भाषण दे रहे थे। समारोह में 85 विद्यार्थियों को 112 मेडल दिए गए। साथ ही पद्मविभूषण स्वामी रामभद्राचार्य व भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति, जयपुर के संस्थापक देवेंद्र राज मेहता को डीलिट की मानद उपाधि भी दी गई।
विज्ञापन


रामभद्राचार्य ने कहा कि आज सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात हो रही थी तो उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि के आने वाले निर्णय के कारण व्यस्त हैं। उन्होंने मेडल व डिग्री धारकों से कहा कि आज मैं आपको राष्ट्र यज्ञ में आहूति देने के लिए दीक्षित कर रहा हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आप प्रतिदिन की दिनचर्या में शामिल करें कि एक काम राष्ट्र के लिए क्या करेंगे? आज भ्रष्टाचार सिर से पैर तक है। पीएम मोदी के आने के बाद कोई गलत तरीके से अपनी जेब नहीं भर पा रहा है। आप भी संकल्प लें कि एक भी गलत पैसा कहीं से नहीं लेंगे।

उदाहरण देते हुए कहा कि दिव्यांगता अभिशाप नहीं प्रसाद

Ram is not communal: Rambhadracharya
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को मेडल बांटे। - फोटो : amar ujala

उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि दिव्यांगता अभिशाप नहीं प्रसाद है। मैं कभी 99 फीसदी से कम अंक नहीं लाया। 9 स्वर्ण पदक प्राप्त किए। जेआरएफ-पीएचडी की, 14 पीएचडी करवाई। 210 किताबें लिखीं लेकिन खुद को विश्वविद्यालय की चहारदिवारी में नहीं बांधा।

मैनें 2001 में श्री रामभद्राचार्य दिव्यांग विवि की चित्रकूट में स्थापना की। जहां विकलांगों को सामान्य छात्रों के बराबर खड़ा किया जा रहा है। मैं तब तक विश्राम नहीं करूंगा, जब तक प्रत्येक दिव्यांग अपने पैरों पर नहीं खड़ा हो जाता। उन्होंने कहा कि मेरा सपना तब पूरा होगा जब कोई दिव्यांग देश का प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति बनेगा।

रामभद्राचार्य ने कहा कि दिव्यांग कभी बेरोजगार नहीं रह सकता। किंतु इसके लिए गलत रास्ता न चुने। उन्होंने शिक्षकों से भी अपील की शिक्षा का धर्म सिर्फ अपने परिवार-परिचितों को आगे बढ़ाना नहीं बल्कि इसका प्रयोग राष्ट्र के लिए करें। उन्होंने आह्वान किया कि पितृ देवो भव:, मातृ देवो भव:, गुरु देवो भव:, अतिथि देवो भव: में एक और जोड़े, राष्ट्र देवो भव:।

समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल व कुलाध्यक्ष आनंदीबेन पटेल ने की। समारोह में विशिष्ट अतिथि दिव्यांगजन सशक्तीकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री अनिल राजभर, कुलपति प्रो. राणा कृष्णपाल सिंह व अपर मुख्य सचिव महेश गुप्ता आदि उपस्थित थे।

चित्रकूट में अगले वर्ष खुलेगा मेडिकल कॉलेज

Ram is not communal: Rambhadracharya
समारोह का एक दृश्य। - फोटो : amar ujala

स्वामी रामभद्राचार्य ने बताया कि अगले वर्ष श्री रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मेडिकल कॉलेज भी खोलेंगे। दिव्यांगों को प्रोफेसर, इंजीनियर, डॉक्टर बनाना है। दिव्यांगों में ऐसी ऊर्जा भरनी है कि वे देश के लिए कुछ कर सकें। उन्होंने कहा कि मैं ऊं शांति, शांति, शांति में विश्वास नहीं करता हूं। मैं ऊं क्रांति, क्रांति, क्रांति में विश्वास करता हूं।

112 पदकों में 75 पदक छात्राओं के नाम
- कुल 112 पदक दिए गए
- 75 पदक छात्राओं ने प्राप्त किए
- 37 पदक छात्रों ने प्राप्त किए
- 85 छात्र-छात्राओं को मिले पदक
- इसमें 58 छात्राएं, 27 बालक शामिल
- कुल 6 दिव्यांग विद्यार्थियों को मिले पदक
- 42 स्वर्ण, 35 रजत, 35 कांस्य पदक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed