आखिर योगी सरकार के बजट को नेता विपक्ष ने क्यों बताया पशु-पक्षी विरोधी?
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विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राम गोविंद चौधरी ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि अभी तो, राम-राम कहना, पराया नाम अपना, वाला ही चल रहा है।
यह बजट जनविरोधी तो है ही, यह पशु-पक्षी और लता-पताका विरोधी भी है। कहा कि नारा देकर आए थे- गुंडाराज न भ्रष्टाचार, लेकिन गुंडई से अफसर तक नहीं बच रहे हैं। अवैध खनन कराने के लिए झगड़ा हो रहा है?
उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि वह बहुमत का घमंड न करे। अभी 14 वर्ष बाद वापस आए हैं। यही रवैया रहा तो 24 साल बाद भी मौका नहीं मिलेगा।
‘प्रेम’ की हालत ये क्या जानें...
चौधरी ने सरकारी नीतियों की आलोचना में एंटी रोमियो स्क्वॉएड के गठन पर अपने अंदाज में सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और संसदीय कार्यमंत्री शादी विहीन हैं। इन्हें रोमियो के बारे में कैसे पता चला?
ये प्रेम की हालत को क्या जानें? लेकिन एंटी रोमियो स्क्वॉएड बनाकर पति-पत्नी, भाई-बहन को जेल भेजने लगे। उन्होंने राधा-कृष्ण, राम-सीता और शंकर-पार्वती के प्रेम की चर्चा करते हुए कहा कि राम-सीता का प्रेम फुलवारी में हो गया।
माता पार्वती ने अपने प्रेम के लिए अखंड तपस्या की। राधा-कृष्ण का प्रेम समझने पूरी दुनिया से लोग आते हैं। लेकिन हिंदू धर्म का अलंबरदार बनने वालों ने प्रेम पर प्रतिबंध लगा दिया।
इस पर संसदीय कार्यमंत्री ने शायर मुनव्वर राणा के शेर ‘चलती फिरती हुई आंखों से अजां देखी है/ मैंने जन्नत तो नहीं देखी है, मां देखी है।’ के हवाले से कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने वात्सल्य प्रेम का जिक्र नहीं किया, लेकिन हम करते हैं।
लोकहित को ध्यान में रखकर काम करे सरकार : लालजी
बसपा नेता लालजी वर्मा ने विपक्ष के कटौती प्रस्ताव पर जोर देते हुए कहा कि यह ‘घोषणा सरकार’ है। इसे लगता है जो कह देंगे वह हो जाएगा। लेकिन एंटी रोमियो स्क्वॉएड बनाने के बावजूद महिलाओं पर अपराध बढ़े हैं। उन्होंने सरकार पर संख्याबल से अहंकारी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि गोरखपुर और फूलपुर में इस अहंकार का जवाब मिल गया है। उन्होंने सरकार से लोकहित को ध्यान में रखकर काम की अपील की।