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राजनाथ सिंह: दिग्बली योग में करेंगे नामांकन, मिलेगा सूर्य सा तेज, जानिए क्यों दुर्लभ है यह संयोग और मुहूर्त

Tue, 23 Apr 2024 11:11 AM IST
रोहित मिश्र रोली खन्ना, अमर उजाला, लखनऊ
रोली खन्ना, अमर उजाला, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 23 Apr 2024 11:11 AM IST
सार

Rajnath Singh nomination: लखनऊ के स्थानीय सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 29 अप्रैल को नामांकन भरेंगे। उनका नामांकन एक खास मुहूर्त में होगा। जानिए क्या हैं इस मुहूर्त के मायने। 

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Rajnath Singh: nomination in Digbali Yoga, will get as bright as the sun, know why this coincidence and auspic
Rajnath Singh nomination - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखनऊ में चुनावी हलचल धीरे-धीरे राजधानी में तेज होने लगी है। 26 अप्रैल से नामांकन शुरू होगा और फिर चुनावी रंग भी चटख होगा। इस बीच 29 अप्रैल को राजधानी की दोनों अहम सीटों के प्रत्याशी लखनऊ से राजनाथ सिंह और मोहनलालगंज से कौशल किशोर नामांकन करेंगे। असल में यह तिथि बेहद खास है। मुहूर्त और संयोग इसे दुर्लभ बना रहे हैं। 2019 के चुनाव में भी राजनाथ सिंह ने 16 अप्रैल को विशेष योग में नामांकन किया था। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार तब शत्रुहंता योग था, वहीं इस बार ग्रह दिग्बली होकर बैठे हैं।

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29 अप्रैल को पूर्वा आषाढ़ा नक्षत्र और धनु राशि
पंडित धीरेन्द्र पांडेय व आचार्य आनंद दुबे के मुताबिक, 29 अप्रैल 2024 को पूर्वा आषाढ़ा नक्षत्र है और धनु राशि है। दो दिन पहले 27 और 28 को मूल है, इसलिए ये दिन कतई उचित नहीं है। 29 अप्रैल की खास बात है कि दसवें स्थान पर सूर्य उच्च के हैं और यह दिग्बली बनाने में योगदान देते हैं। गुरु भाग्येश होकर बैठे हैं, जो कॅरिअर को नई ऊंचाई देते हैं। शुक्र दसवें स्थान पर अपने घर चौथे स्थान को देख रहे हैं। चौथा स्थान जनता का होता है। नवम स्थान पर मंगल-बुध और राहु की युति है। मंगल व गुरु एक दूसरे के घर में हैं यानी एक्सचेंज ऑफ हाउस का नियम लागू हो रहा है। भाग्य और कर्म इससे मजबूत हो रहे हैं।
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सर्वोत्म फल प्रदान करता है सिद्ध योग
आचार्य रंगनाथ उपाध्याय कहते हैं कि लग्नेश शुक्र है, सूर्य और शुक्र का संबंध श्रेष्ठ है। वर्तमान काल में सिद्ध योग है। पूर्वा आषाढ़ नक्षत्र का योग चंद्रमा से सुशोभित है। साथ ही सिद्ध योग बन रहा है। धनु के चंद्रमा में सिद्ध योग सर्वोत्म फल प्रदान करता है।
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2019 में सिंह राशि और पूर्वा फागुनी नक्षत्र में किया था नामांकन
लखनऊ के ज्योतिषाचार्य पंडित धीरेन्द्र पांडेय व काशीवासी आचार्य रंगनाथ उपाध्याय कहते हैं कि 16 अप्रैल 2019 को पूर्वा फागुनी नक्षत्र था और सिंह राशि थी। यह शुक्र का नक्षत्र है। वहीं नवम स्थान पर शुक्र उच्च का था। दसवें स्थान पर सूर्य उच्च का था। छठे स्थान पर गुरु शनि और केतु की मौजूदगी से शत्रुहंता योग बना था। वहीं दसवें घर का स्वामी मंगल लाभ भाव में था। इसी दुर्लभ योग में तब राजनाथ सिंह ने नामांकन किया था।

सनातनी करते हैं ग्रह-नक्षत्रों पर विचार
हम सब सनातन धर्म को मानने वाले हैं। धर्म-अध्यात्म, ग्रह नक्षत्रों के योग संयोग पर भरोसा करते हैं। इस दिन को शुभ मानते हुए इसे नामांकन के लिए तय किया गया है।- आनंद द्विवेदी, भाजपा महानगर अध्यक्ष


राजनाथ जी हमारे अभिभावक, उन्होंने निकलवाया मुहूर्त
राजनाथ सिंह जी हमारे अभिभावक हैं। उन्होंने ही इस दिन नामांकन के लिए मुहूर्त निकलवाया है। इसीलिए हम भी नामांकन कर रहे हैं।- कौशल किशोर, केंद्रीय शहरी आवास राज्य मंत्री, प्रत्याशी मोहनलालगंज

 

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