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राजनाथ सिंह की घोषणा, केंद्र सरकार 38 लाख दिव्यांगों को देगी रोजगार

Sat, 11 Jun 2016 02:18 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Sat, 11 Jun 2016 02:18 PM IST
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rajnath singh announced to give employment to handicapped
राजनाथ सिंह ‌दिव्यांग के साथ सेल्फी लेते हुए - फोटो : amar ujala

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा की कि केंद्र सरकार सात वर्षों में देश के 38 लाख दिव्यांगों को रोजगार की योजना तैयार कर रही है। इस बारे में प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। जिसे जल्द ही अमल में भी लाने की कोशिश है।

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कहा कि देश में दिव्यांगों की जनसंख्या लगभग तीन करोड़ है। दिव्यांगों की यह आबादी देश में सरकार बना और बिगाड़ सकती है। सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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इससे पहले, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार से पहले वाली सरकारों ने दिव्यांगों की दिक्कतों को दूर करने के बारे में कुछ नहीं सोचा।
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पूरी तरह उपेक्षा की। उन सरकारों ने दिव्यांगों की दिक्कतों व दर्द को समझा होता तो अब तक कई दिव्यांगों का जीवन बदल चुका होता। दोनों लोग शुक्रवार को यहां इंदिरानगर के सेक्टर 14 स्थित रानी लक्ष्मीबाई स्कूल में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर एवं नि:शुल्क सहायक उपकरण शिविर में बोल रहे थे। 

शिविर में एलिम्को द्वारा परीक्षण शिविरों से चयनित 1115 दिव्यांगों को 1.30 करोड़ रुपये के सहायक उपकरण वितरित किए गए। कुछ को राजनाथ और गहलोत ने खुद यह उपकरण दिए। राजनाथ ने कहा कि दिव्यांगो को लेकर सरकार और समाज को संवेदनशील होना चाहिए। 

समाज संवेदनशील हो तो चुनौती आसान हो जाती है। हमारी सरकार सभी को समान अवसर देने की कोशिश कर रही है। दिव्यांगों को उनकी दिव्यांगता का एहसास न होने पाए, यह समाज की जिम्मेदारी है। पर, दुर्भाग्य से अब भी कई लोग दिव्यांगों की दिव्यांगता का एहसास कराते रहते है।

दिव्यांग छात्रों के लिए शुरू की गई स्कॉलरशिप

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युवती से बात करते हुए राजनाथ ‌सिंह - फोटो : amar ujala

यह गलत है। दिव्यांग भाई- बहन देश के मेक ‌इन इंडिया कार्यक्रम को चार चांद लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को रोजगार मिले इसके लिए केंद्र सरकार प्रयासरत है। समारोह में आरएलबी शिक्षण संस्था समूह के संचालक जयपाल सिंह भी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री गहलोत ने दो साल के दौरान मंत्रालय की ओर से कराए गए कार्यों को गिनाया। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार दिव्यांग छात्रों के लिए स्कॉलरशिप शुरू की गई। जन्म से बहरे बच्चों का जीवन संवारने के लिए योजना शुरू की गई है। इसमें 6 साल से कम उम्र वाले बच्चों के कान का ऑपरेशन करके उन्हें सुनने और बोलने लायक बनाया जाता है।

एक ऑपरेशन पर करीब 6 लाख रुपया खर्च आता है, जिसे केंद्रीय सरकार वहन करती है। इसके अलावा महिलाओं के लिए 3.5 प्रतिशत ब्याज दर पर रोजगार के लिए कई ऋण योजनाएं शुरू की गई हैं। साथ ही देश में 28 प्रतिशत बच्चे चलने-फिरने में असमर्थ हैं। इन्हें मोटर से चलने वाली ट्राइसाइकिल देने की योजना शुरू की गई है।

इसमें 25 हजार मंत्रालय देता है। कोई दानदाता या सांसद व विधायक 12 प्रतिशत दान दे दे तो यह ट्राइसाइकिल इन बच्चों को नि:शुल्क मिल सकती है। वहीं मंत्रालय ने ब्रेल भाषा में स्मार्ट फोन, लैपटॉप और डेजी प्लेयर बनवाए हैं।

उन्होंने कहा कि देश में दिव्यांगो के लिए अब तक 1850 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। शिविर को मोहनलाल गंज से सांसद कौशल किशोर, पूर्वी क्षेत्र के विधायक आशुतोष टंडन गोपाल व मंत्रालय में संयुक्त सचिव अवनीश अवस्थी ने भी संबोधित किया।

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