फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Rae Bareli: Between silence and determination, Rahul enumerated the flaws of the system, made one realize that

रायबरेली: इस बार राहुल ने गिनाईं सिस्टम की खामियां, कराया मुख्य विपक्षी नेता होने का एहसास, दिए ये संकेत

Wed, 06 Nov 2024 12:08 AM IST
रोहित मिश्र चन्द्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चन्द्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 06 Nov 2024 12:08 AM IST
सार

Rahul Gandhi in Rae Bareli: रायबरेली से जुड़ी 410 करोड़ की परियोजनाओं की जांच कराने का निर्देश देने और महिला हेल्पलाइन पर कॉल करने के सियासी निहितार्थ हैं।

विज्ञापन
Rae Bareli: Between silence and determination, Rahul enumerated the flaws of the system, made one realize that
रायबरेली में राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को पूरे रौ में दिखे। बिना सियासी बात किए वह बड़ा सियासी संदेश दे गए। उनका रायबरेली से जुड़ी 410 करोड़ की परियोजनाओं की जांच कराने का निर्देश देने और महिला हेल्पलाइन पर कॉल करने के सियासी निहितार्थ हैं। इसके जरिए उन्होंने सरकारी सिस्टम की न सिर्फ बखिया उधेड़ी बल्कि विपक्ष की भूमिका निभाते हुए ताकत का अहसास भी कराने का प्रयास किया। यह पूरी कवायद किसी न किसी रूप में उनके सियासी जमीं को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

विज्ञापन


अमेठी सांसद रहते वक्त आमतौर पर राहुल गांधी प्रशासनिक बैठकों से दूर रहे, लेकिन रायबरेली से सांसद चुने जाने के बाद वह लगातार यहां के लोगों से अपने रिश्तों की डोर मजबूत कर रहे है। युवक की हत्या होने पर मौके पर पहुंचते हैं तो मंगलवार को सिर्फ दिशा की बैठक में हिस्सा लेने आते हैं। न कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और न ही उपचुनाव के मद्देनजर कोई जनसभा की। 
विज्ञापन


यह भी उनकी सियासी रणनीति का हिस्सा है। दिशा की बैठक और शहीद चौक व सड़क के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लेकर उन्होंने अपनी जमीं पर उतरने की सियासत को आगे बढाया। यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वह जनता से जुड़े छोटे- छोटे कार्यक्रमों में आने के लिए तैयार हैं। उनका महिलाओं के बारे में पूछना और उनसे जुड़ी हेल्पलाइन 181 पर फोन मिलाना, तीन बार कॉल करने के बाद भी कॉल न उठने पर अफसरों को लताड़ लगाना और विभिन्न कार्यों से जुड़़ी 410 करोड़ की 182 परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच कराने का निर्देश देने, उज्जवला के लाभार्थियों की रिपोर्ट तलब करना, मनरेगा के भुगतान की सूची मांगने के भी सियासी निहितार्थ हैं। वे इसके जरिए सरकारी सिस्टम की सिर्फ पोल ही नहीं खोलते हैं बल्कि खुद के चाहने वालों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश है कि वे हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

विपक्ष की ताकत का अहसास कराने का प्रयास

Rae Bareli: Between silence and determination, Rahul enumerated the flaws of the system, made one realize that
लोकार्पण कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी। - फोटो : amar ujala

सियासी जानकारों का यह भी कहना है कि राहुल गांधी लगातार खुद को बदल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भले कांग्रेस के सिर्फ दो विधायक और छह सांसद हैं, लेकिन वह अपनी रणनीति के जरिए विपक्ष की भूमिका निभाने को तैयार रहने का भी संदेश दे रहे हैं। मंगलवार को राहुल गांधी की गतिविधियां किसी न किसी रूप में उस सियासी कदम को आगे बढ़ा रही हैं, जिसके जरिए वह कभी कुली तो कभी मोची से भी मिलने से गुरेज नहीं करते हैं। यही वजह है कि रायबरेली से लौटते ही वह सोशल मीडिया पर लिखते हैं कि रायबरेली से मेरा रिश्ता चाहे जितना भी पुराना हो, हर बार पहुंच कर और भी गहरा हो जाता है। सभी क्षेत्रवासियों ने मिलकर बहुत प्यार दिया और पूरे हक के साथ अपनी समस्याएं बताईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed