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रेडियोलॉजिस्ट बन गए अफसर: अस्पतालों में जांच ठप, लखनऊ के तीन बड़े अस्पतालों समेत 10 सीएचसी में टेस्ट का संकट

Mon, 23 Jun 2025 11:48 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 23 Jun 2025 11:48 AM IST
सार

रेडियोलॉजिस्ट अफसर बन गए। इससे अस्पतालों में जांच ठप हो गई हैं। लखनऊ के तीन बड़े अस्पतालों समेत 10 सीएचसी में टेस्ट का संकट है। अब जिलों में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।

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Radiologist become officers due to crisis of investigation in 10 CHC including three big hospitals of Lucknow
महिला मरीज का एक्स-रे करते रेडियोलॉजिस्ट। (सांकेतिक)

विस्तार

राजधानी लखनऊ के तीन बड़े अस्पतालों समेत 10 सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट का संकट है। इससे जांचें ठप हैं। मरीज निजी केंद्रों पर जा रहे हैं। इसके पीछे गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। शासन ने रेडियोलॉजिस्ट की ताजपोशी कर उन्हें अफसर बना दिया। इससे वह जांच का काम छोड़कर प्रशासनिक कार्यों में लग गए, जिससे अस्पतालों में जांच का संकट खड़ा हो गया है। अफसरों ने फजीहत के बाद अब जिलों में रेडियोलॉजिस्ट का रिकाॅर्ड खंगालना शुरू किया है।

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लखनऊ के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों ठाकुरगंज चिकित्सालय, आलमबाग का 50 बेड अस्पताल और बीकेटी के रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय समेत 10 सीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच कई माह से बंद है। मरीजों को अस्पतालों से सिर्फ सलाह देकर जांच के लिए निजी केंद्र का रास्ता दिखाया जा रहा है। हर दिन करीब 100 मरीजों को डॉक्टर दूसरे सरकारी अस्पतालों में जांच कराने के लिए भेज रहे हैं, मगर वहां पहले से लोड होने पर मरीजों को मजबूरी में निजी केंद्र जाना पड़ रहा है।

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लखनऊ के रेडियोलॉजिस्ट जिलों में बनाए गए सीएमओ-सीएमएस

शासन ने रेडियोलॉजिस्ट की ताजपोशी कर उन्हें सीएमओ-सीएमएस बना दिया है। इसमें लोकबंधु अस्पताल के सीएमएस भी शामिल हैं। वह अस्पताल में प्रशासनिक कार्य देख रहे हैं। आरोप है कि वह अल्ट्रासाउंड तक नहीं कर रहे हैं, जबकि नियम यह है कि प्रशासनिक पद पर कार्यरत अफसरों को हफ्ते में तीन दिन सेवाएं देनी होंगी। 

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वहीं, स्वास्थ्य महानिदेशालय में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संतोष गुप्ता करीब पौने तीन साल से लखीमपुर खीरी के सीएमओ हैं। वह जिले में प्रशासनिक सेवाएं ही देख रहे हैं। इसी तरह सिविल अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. नवीन चंद्रा को शासन ने बीते साल रायबरेली का सीएमओ बना दिया। 

ऐसे में सिविल अस्पताल में महज एक ही रेडियोलॉजिस्ट बचे हैं। अब यहां ओपीडी के मरीजों को जांच के लिए हफ्ते भर बाद डेट मिल रही है। सीतापुर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. इंदर सिंह भी रेडियोलॉजिस्ट हैं।

हरदोई से बलरामपुर अस्पताल भेजे जा रहे मेडिकोलीगल मामले

हरदोई जिला अस्पताल में एक भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। जांच के लिए मरीज भटक रहे हैं। मेडिकोलीगल मामले में लोगों को लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में भेजा जा रहा है। लोगों को मेडिकोलीगल जैसे गंभीर मसले में सौ-सौ किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है।

सीतापुर सीएमओ के अधीन रेडियोलॉजिस्ट हरदोई जाएंगे

सीतापुर सीएमओ के अधीन एक रेडियोलॉजिस्ट काफी समय से तैनात हैं। इन पर भी जांच का कार्य न करने का आरोप है। ऐसे में अफसरों ने इन रेडियोलॉजिस्ट का तबादला हरदोई करने की तैयारी की है। अफसरों का कहना है कि इसी माह के आखिर तक व्यवस्था हो जाएगी।



स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतन पाल सिंह ने कहा कि जिन जगहों पर रेडियोलॉजिस्ट का संकट है, वहां विशेषज्ञ की तैनाती करने की प्रक्रिया है, ताकि जांच का काम प्रभावित न हो। आसपास के जिलों में तैनात रेडियोलॉजिस्ट को खाली जगहों पर भेजा जाएगा।

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