बिजली दरों में वृद्धि प्रस्ताव वापस न लिया गया तो होगा उग्र आंदोलन, उपभोक्ता परिषद ने किया एलान
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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के वर्ष 2019-20 के लिए शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू बिजली दरों में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के प्रस्ताव का राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने विरोध करने का एलान किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह पहला मौका है जब घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और गरीबों की बिजली दर में इतनी अधिक वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने वृद्धि प्रस्ताव को वापस नहीं लिया तो उनका संगठन उपभोक्ताओं की मदद से पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगा। वर्मा ने कहा कि एक तरफ तो उपभोक्ता से जुटाए गए पैसे को अभियंताओं को दिए जाने वाले इनाम पर उड़ाकर फिजूलखर्ची की जा रही है। इसकी भरपाई के लिए अब गरीब और ग्रामीण किसानों की दरों में वृद्धि का षड्यंत्र किया जा रहा है।
बीपीएल उपभोक्ताओं की बिजली खर्च सीमा भी घटाई
बिजली कंपनियों ने बीपीएल बिजली उपभोक्ताओं के बिजली खर्च की सीमा 100 यूनिट तक रखी गई थी, जिसे घटाकर 50 यूनिट किए जाने का प्रस्ताव किया गया है जो उनके हक पर कुठाराघात है।
उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि, बिजली दरों में वृद्धि के प्रस्ताव को वापस कराएं, अन्यथा पूरे प्रदेश में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।