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Lucknow News: कुपोषण के बढ़ते खतरे से बच्चों की रक्षा जरूरी

Fri, 19 Jun 2026 02:35 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:35 AM IST
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Protecting children from the growing threat of malnutrition is essential
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।
लखनऊ। अब चुनौती सेवाओं की उपलब्धता की नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता व पोषण संबंधी आदतों में सुधार की है। बड़ी संख्या में महिलाएं गर्भावस्था में कुपोषित या कम वजन की होती हैं। इससे कम वजन के साथ बच्चे जन्म लेते हैं और उनमें कुपोषण का खतरा बढ़ जाता है। इससे रक्षा करना बहुत जरूरी है।
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हुसैनगंज स्थित होटल में बृहस्पतिवार को महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने विभाग की ओर से मां व शिशु को कुपोषण से बचाने के लिए आयोजित अभियान संभव 6.0 के शुभारंभ समारोह में ये बातें कहीं। उन्होंने संभव पैकेज और सोशल मीडिया पैकेज का भी विमोचन किया।
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पिछले वर्ष संभव अभियान 5.0 में श्रेष्ठ काम करने वाले पांच जिलों कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, चंदौली व वाराणसी के जिला कार्यक्रम अधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को सम्मानित किया गया। यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में 75 जिलों से जिला कार्यक्रम अधिकारी, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास लीना जौहरी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ पिंकी जोवेल, अमित सिंह, डॉ. एचडी अग्रवाल, मनीषा त्रिघाटिया आदि लोग मौजूद रहे।
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पांच वर्षों में 14 लाख से अधिक बच्चों का हुआ इलाज
आईसीडीएस निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संभव अभियान के तहत प्रतिमाह औसतन 1.7 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। 14 लाख से अधिक बच्चों का इलाज किया गया। गंभीर तीव्र कुपोषण से ग्रस्त 81 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ होने में सफल रहे। इस वर्ष अभियान जुलाई से सितंबर तक सभी 75 जिलों में चलाया जाएगा।


एक हजार दिन तक रखी जाएगी बच्चों की निगरानी
बेबी रानी मौर्य ने बताया कि इस वर्ष की थीम गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा है। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए एक हजार निगरानी रखी जाएगी। यही वह महत्वपूर्ण अवधि है, जिसमें बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 80 प्रतिशत विकास होता है। शिशुओं के लिए नियमित गृह भ्रमण, गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और इलाज पर जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य व अन्य।

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