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Lucknow News: ट्रांसपोर्टनगर में भी फर्जी कॉल सेंटर खोलने की थी तैयारी
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लखनऊ। अलीगंज में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार फर्जी कॉल सेंटर के संचालक देवेंद्र सिंह तोमर और उसका साथी हिमांशु ट्रांसपोर्टनगर में एक और कॉल सेंटर खोलने की तैयारी में थे। भागा चल रहा तीसरे संचालक प्रियांशु को इसमें उनका साथ देना था। हालांकि पकड़े जाने पर आरोपियों की यह योजना धरी रह गई।
बता दें कि कुछ समय पहले अलीगंज पुलिस ने कपूरथला स्थित एक फर्जी कॉल सेंटर में छापा मारा था। पुलिस ने यहां से 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में कॉल सेंटर संचालक देवेंद्र और हिमांशु को बृहस्पतिवार को अलीगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इंस्पेक्टर अलीगंज ध्रुव कुमार ने बताया कि देवेंद्र और हिमांशु ने पूछताछ में बताया कि वे वर्ष 2016 से कॉल सेंटर चला रहे थे। उन्होंने सबसे पहले अहमदाबाद में कॉल सेंटर खोला था। वहां छापा पड़ा तो वह, हिमांशु और प्रियांशु भाग निकले। इसके बाद मुंबई और साउथ गोवा में हिमांशु ने काॅल सेंटर खोला। वहीं, देवेंद्र ने कोलकाता के न्यूटाउन में कॉल सेंटर शुरू किया। गोआ पुलिस ने हिमांशु और कोलकाता पुलिस ने देवेंद्र को जेल भेज दिया। दोनों आरोपी जमानत पर जेल से छूट गए, मगर ठगी नहीं छोड़ी। यहां से दोनों वाराणसी पहुंचे और यहां भी कॉल सेंटर खोल लिया। पुलिस ने यहां भी छापा मारा तो वे लखनऊ आ गए। पुलिस ने बताया कि कोलकाता और गोआ में किन लोगों ने दोनों आरोपियों की जमानत कराई थी उनका ब्योरा जेल और पुलिस थानों से मांगा गया है। इसके साथ ही वकीलों के बारे में विवरण मांगा गया है।
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बता दें कि कुछ समय पहले अलीगंज पुलिस ने कपूरथला स्थित एक फर्जी कॉल सेंटर में छापा मारा था। पुलिस ने यहां से 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में कॉल सेंटर संचालक देवेंद्र और हिमांशु को बृहस्पतिवार को अलीगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इंस्पेक्टर अलीगंज ध्रुव कुमार ने बताया कि देवेंद्र और हिमांशु ने पूछताछ में बताया कि वे वर्ष 2016 से कॉल सेंटर चला रहे थे। उन्होंने सबसे पहले अहमदाबाद में कॉल सेंटर खोला था। वहां छापा पड़ा तो वह, हिमांशु और प्रियांशु भाग निकले। इसके बाद मुंबई और साउथ गोवा में हिमांशु ने काॅल सेंटर खोला। वहीं, देवेंद्र ने कोलकाता के न्यूटाउन में कॉल सेंटर शुरू किया। गोआ पुलिस ने हिमांशु और कोलकाता पुलिस ने देवेंद्र को जेल भेज दिया। दोनों आरोपी जमानत पर जेल से छूट गए, मगर ठगी नहीं छोड़ी। यहां से दोनों वाराणसी पहुंचे और यहां भी कॉल सेंटर खोल लिया। पुलिस ने यहां भी छापा मारा तो वे लखनऊ आ गए। पुलिस ने बताया कि कोलकाता और गोआ में किन लोगों ने दोनों आरोपियों की जमानत कराई थी उनका ब्योरा जेल और पुलिस थानों से मांगा गया है। इसके साथ ही वकीलों के बारे में विवरण मांगा गया है।
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