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फरार आईपीएस मणिलाल पाटीदार की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
Thu, 05 Nov 2020 12:20 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 05 Nov 2020 12:20 AM IST
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मणिलाल पाटीदार
- फोटो : amar ujala
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महोबा में खनन व्यवसायी इंद्रकांत की आत्महत्या के मामले में फरार आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी है। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने संबंधित अधिकारियों को इसके निर्देश दे दिए हैं। इस मामले में गठित एसआईटी ने पाटीदार को अपनी बात रखने का मौका दिया, लेकिन वह न तो हाजिर हुए और न ही सरेंडर किया। अब उनके खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट लेकर कुर्की की तैयारी है। हालांकि गुजरात के अहमदाबाद में पाटीदार की संपत्ति होने से पुलिस को कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
पाटीदार की ओर से 2020 में गृह विभाग को दिए गए अचल संपत्ति के ब्यौरे के अनुसार, गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में उनकी अचल संपत्ति पर चाय की दुकान खुली है। यह उनके पिता ने दिलाई थी। इससे होने वाली कमाई का आधा हिस्सा पाटीदार को मिलता है। 82 का नोटिस देने के बाद भी पाटीदार हाजिर नहीं होते हैं तो उनकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है। इसके लिए महोबा के जिला जज को अहमदाबाद के जिला मजिस्ट्रेट को निर्धारित प्रारूप में निर्देश देने पड़ेंगे।
यह है मामला
इसी सितंबर में महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर खनन व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी ने भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पाटीदार से जान का खतरा भी बताया था। इसके दो दिन बाद संदिग्ध परिस्थितियों में इंद्रकांत को गोली लगी और पांच दिन बाद मौत हो गई थी। एसआईटी की जांच में एसपी की भूमिका संदिग्ध पायी गयी। इसके बाद से पाटीदार फरार हैं।
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पाटीदार की ओर से 2020 में गृह विभाग को दिए गए अचल संपत्ति के ब्यौरे के अनुसार, गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में उनकी अचल संपत्ति पर चाय की दुकान खुली है। यह उनके पिता ने दिलाई थी। इससे होने वाली कमाई का आधा हिस्सा पाटीदार को मिलता है। 82 का नोटिस देने के बाद भी पाटीदार हाजिर नहीं होते हैं तो उनकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है। इसके लिए महोबा के जिला जज को अहमदाबाद के जिला मजिस्ट्रेट को निर्धारित प्रारूप में निर्देश देने पड़ेंगे।
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यह है मामला
इसी सितंबर में महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर खनन व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी ने भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पाटीदार से जान का खतरा भी बताया था। इसके दो दिन बाद संदिग्ध परिस्थितियों में इंद्रकांत को गोली लगी और पांच दिन बाद मौत हो गई थी। एसआईटी की जांच में एसपी की भूमिका संदिग्ध पायी गयी। इसके बाद से पाटीदार फरार हैं।
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