फायरब्रांड तोगड़िया ने मोदी पर उठाया सवाल
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विश्व हिंदू परिषद के नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन करने मुरादाबाद महानगर पहुंचे विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रवीण तोगड़िया ने मोदी पर सवाल उठा दिया है।
उन्होंने कहा कि अच्छा होता अगर प्रधानमंत्री मोदी यूएनओ में जम्मू कश्मीर पर पाक पीएम के हमले का जवाब देने के बजाए पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) की आजादी का मुद्दा उठाते।
वायदे के मुताबिक कश्मीरी पंडितों को घाटी में दोबारा बसाने में नाकाम रहने पर भी तोगड़िया ने मोदी को आड़े हाथों लिया। कहा, कश्मीरी पंडितों को उनके घर मिलने और राममंदिर का निर्माण होने तक देश में हिंदुओं का स्वाभिमान सुरक्षित नहीं हैं। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद सरकार पर दबाव बनाती रहेगी।
गंगा से रोजगार वालों को जोड़ेंगे
प्रवीण तोगड़िया ने बताया कि उन लोगों की टीमें भी गठित करने को योजना बनी है जिनकी रोजी रोटी गंगा पर निर्भर है। इनमें तीर्थ पुरोहित और मछुआरे प्रमुख हैं।
संघ चाहता है कि इस अभियान पर सांप्रदायिकता का ठप्पा न लगे और सभी पक्ष जुड़ें। इसलिए संघ ने खुद को पीछे रखकर इस पूरे अभियान को सामाजिक संगठन लोकभारती के माध्यम से संचालित करने का फैसला किया है।
कोशिश है कि गंगा के मुद्दे पर सभी पक्षों व धार्मिक आस्था रखने वालों का सहयोग मिले। भले ही उनकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो।
गंगा के उद्धार में संघ भी हाथ बंटाएगा
गंगा को प्रदूषण मुक्त करने एवं उसके उद्धार की केंद्र सरकार की योजना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी हाथ बंटाएगा। साथ ही गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक इस नदी के किनारे पड़ने वाली बस्तियों व शहरों में अपनी पकड़ व पैठ बढ़ाएगा।
रविवार को यहां संघ के ‘गंगा समग्र’ कार्यक्रम पर हुई बैठक में यह फैसला किया गया। इस बारे में योजना भी बनाई गई। तय हुआ कि गंगा के किनारे निगरानी चौकियां बनाई जाएं।
संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल का कार्यक्रम संशोधित हो जाने और उनके दोपहर में ही वापस लौट जाने के कारण विधानसभा उपचुनाव के नतीजों पर विस्तार से चर्चा नहीं हुई लेकिन जानकारी के अनुसार, उन्होंने संघ के दोनों क्षेत्र प्रचारकों व प्रांत प्रचारकों से इस मामले में रिपोर्ट तलब की है।
कुछ इस तरह काम करेगा संघ
गंगोत्री से गंगासागर तक बनने वाली चौकियों की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों को सौंपकर उन्हें गंगा को गंदगी से बचाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
चौकियों पर मौजूद रहने वाले न सिर्फ गंदगी फैलाने वालों पर नजर रखेंगे बल्कि लोगों को समझाकर गंगा को गंदा न होने देने में सहयोग मांगेंगे।
इसके बावजूद जो नहीं मानेंगे उन्हें स्थानीय लोगों के सहयोग से रोकने का काम भी यह चौकियां करेंगी। चौकियां कितनी-कितनी दूर पर बनेंगी, यह अभी तय नहीं है। पहले चरण में गंगोत्री से गंगासागर तक औसतन हर दस किमी पर चौकियां स्थापित करने का प्रस्ताव है।