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Lucknow News: बख्शी का तालाब में रामसागर मिश्र अस्पताल में बिजली नौ घंटे गुल, मरीज-तीमारदार परेशान
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अस्पताल में बिजली न होने पर परेशानी मरीज और तीमारदार।
बख्शी का तालाब। रामसागर मिश्र अस्पताल में सोमवार को नौ घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे मरीज और उनके तीमारदार काफी परेशान हुए। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने जनरेटर से बिजली आपूर्ति जारी रहने का दावा किया।
यह बिजली संकट सोमवार सुबह 7:30 बजे साढ़ामऊ स्थित 220 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र से उत्पन्न हुआ। बिजली कर्मियों ने ट्रांसमिशन का फॉल्ट ठीक किया। इसके बाद अस्पताल के पास ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई। इसे सही करने के बाद अस्पताल के जनरेटर और उपकेंद्र की आपूर्ति एक साथ चालू हुई। इससे रिवर्स करंट ने दोबारा फॉल्ट उत्पन्न कर दिया। यह समस्या शाम 4:30 बजे ठीक हुई।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि बिजली सप्लाई ठप होने से कोई समस्या नहीं हुई। जनरेटर से बिजली आपूर्ति होती रही। बिजली का लोड कम करने के लिए इमरजेंसी में पंखा-बत्ती को बंद किया गया था। वहीं, जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि बारिश के कारण फॉल्ट आया था।
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चिकित्सा सेवाओं पर असर
नौ घंटे बिजली ठप रहने से अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ा। इनमें अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, पैथोलॉजी, आपातकालीन, ओटी और ओपीडी सेवाएं शामिल थीं। आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि सुबह 11 बजे के बाद स्थिति खराब हो गई। वार्ड में पीने और शौच के लिए पानी नहीं था।
मरीजों को हुई असुविधा
मरीजों को बाहर से 20 रुपये की पानी की बोतल खरीदनी पड़ी। अस्पताल का हैंडपंप भी खराब था।
Iहमारे अस्पताल में 125 केवी का जनरेटर है। जिसके जरिए सभी मशीनें संचालित होती रहीं। बिजली गुल होने पर कोई मशीन बंद नहीं रही। ना ही किसी मरीज को किसी प्रकार की असुविधा हुई। - डॉ. वीके शर्मा, सीएमएस, साढ़ामऊ अस्पताल ।I
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यह बिजली संकट सोमवार सुबह 7:30 बजे साढ़ामऊ स्थित 220 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र से उत्पन्न हुआ। बिजली कर्मियों ने ट्रांसमिशन का फॉल्ट ठीक किया। इसके बाद अस्पताल के पास ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई। इसे सही करने के बाद अस्पताल के जनरेटर और उपकेंद्र की आपूर्ति एक साथ चालू हुई। इससे रिवर्स करंट ने दोबारा फॉल्ट उत्पन्न कर दिया। यह समस्या शाम 4:30 बजे ठीक हुई।
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अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि बिजली सप्लाई ठप होने से कोई समस्या नहीं हुई। जनरेटर से बिजली आपूर्ति होती रही। बिजली का लोड कम करने के लिए इमरजेंसी में पंखा-बत्ती को बंद किया गया था। वहीं, जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि बारिश के कारण फॉल्ट आया था।
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चिकित्सा सेवाओं पर असर
नौ घंटे बिजली ठप रहने से अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ा। इनमें अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, पैथोलॉजी, आपातकालीन, ओटी और ओपीडी सेवाएं शामिल थीं। आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि सुबह 11 बजे के बाद स्थिति खराब हो गई। वार्ड में पीने और शौच के लिए पानी नहीं था।
मरीजों को हुई असुविधा
मरीजों को बाहर से 20 रुपये की पानी की बोतल खरीदनी पड़ी। अस्पताल का हैंडपंप भी खराब था।
Iहमारे अस्पताल में 125 केवी का जनरेटर है। जिसके जरिए सभी मशीनें संचालित होती रहीं। बिजली गुल होने पर कोई मशीन बंद नहीं रही। ना ही किसी मरीज को किसी प्रकार की असुविधा हुई। - डॉ. वीके शर्मा, सीएमएस, साढ़ामऊ अस्पताल ।I

अस्पताल में बिजली न होने पर परेशानी मरीज और तीमारदार।

अस्पताल में बिजली न होने पर परेशानी मरीज और तीमारदार।