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UP News: खुद को एटीएस अधिकारी बता रिटायर्ड डाक कर्मी को दो घंटे रखा डिजिटल अरेस्ट, पांच लाख ऐंठे

Thu, 24 Jul 2025 10:25 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 24 Jul 2025 10:25 PM IST
सार

खुद को एटीएस अधिकारी बताकर ठगों ने रिटायर्ड डाक कर्मी को दो घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा। उनसे पांच लाख ऐंठ लिए। आतंकी संगठन से जुड़े होने की बात कहकर पीड़ित को झांसे में लिया।

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Posing as aATS officer kept retired postal worker under digital arrest for two hours and extorted 5 lakh
डिजिटल अरेस्ट, - फोटो : social media

विस्तार

राजधानी लखनऊ में साइबर ठग ने खुद को एटीएस का अधिकारी बताकर रिटायर्ड डाककर्मी को दो घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इसके बाद उनसे पांच लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित दिवाकर प्रकाश जायसवाल (60) सरोजनीनगर के एलडीए कॉलोनी के रहने वाले हैं। फोन करने वाले ने आतंकी संगठन से जुड़े होने की बात कहकर पीड़ित को झांसे में लिया था।

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दिवाकर के मुताबिक, 13 जुलाई को दोपहर 12 बजे उनके पास अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई थी। फोन करने वाले ने उन्हें खुद को एटीएस का अफसर बताया था। उसने दिवाकर से कहा कि तुम आतंकी संगठन से जुड़े हुए हो। इसलिए हम तुम्हें हम उठाने आ रहे हैं। यह सुनते वह घबरा गए। 
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उन्होंने ठग को काफी समझाने का प्रयास किया मगर वह नहीं माना। ठग ने उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने की बात कही। दिवाकर के काफी मिन्नत करने पर ठग ने कहा कि अगर तुम जेल जाने से बचना चाहते हो तो तुमसे पूछताछ होगी। दिवाकर के हामी भरने पर ठग ने अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया। आरोपी ने पूछताछ के बहाने उन्हें दो घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर लिया।

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मानसिक प्रताड़ना से टूटे दिवाकर

दो घंटे में आरोपी ने उन पर इस कदर दबाव बनाया कि वह मानसिक रूप से टूट गए। फिर ठग ने कहा कि अगर तुम गिरफ्तारी से बचना चाहते हो तो तुम्हें पांच लाख रुपये देने होंगे। ठग से पीछा छुड़ाने के लिए दिवाकर ने उसके भेजे गए खाते में कई बार में पांच लाख ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जालसाज ने कॉल काट दी। 


कुछ देर बाद हालत सामान्य होने पर पीड़ित ने परिचितों से बात की तब उन्हें ठगी की जानकारी हुई। इंस्पेक्टर सरोजनीनगर राजदेव राम प्रजापति के मुताबिक जिन नंबर से बुजुर्ग को कॉल आई थी और जिस खाते में रकम ट्रांसफर की गई है। उसका ब्योरा साइबर सेल के जरिये खंगाला जा रहा है।

डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें

अगर आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए तो सावधान हो जाएं। कॉल करने वाला शख्स यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल बुक है। कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कर कार्रवाई की जा रही है....तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ये कॉल साइबर ठग की होती है। तत्काल पुलिस से शिकायत करें।

यहां करें शिकायत

यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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