फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Politics on the relief for farmers.

किसानों को नहीं दी फूटी कौड़ी, कर रहे 'इमोशनल ड्रामा'

Sat, 18 Apr 2015 03:10 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 18 Apr 2015 03:10 AM IST
विज्ञापन
Politics on the relief for farmers.

बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से सूबे के किसानों की 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा की फसल बर्बाद हो गई और करीब 400 किसानों की जान जा चुकी है। जिसमें सदमे से सांसे टूटने और आत्महत्या करने वालों की तादाद 350 और दैवी आपदा से मरने वाले 50 लोग शामिल हैं।

विज्ञापन


केंद्र के अफसर से लेकर मंत्री तक इस आपदा के हाल से सहमत हैं। पर, हकीकत यह है कि इस आपदा के मारे किसानों को ज्यादा मदद देने के लिए मानक बदलने के सिवा केंद्र ने सूबे के लोगों को शुक्रवार तक एक पाई भी नहीं पहुंचाई है।
विज्ञापन


नए मानक के हिसाब से सर्वे का काम पूरा हो गया है। सूबे के 75 जिलों में आपदा प्रभावित जिलों की संख्या 65 पहुंच गई है।

किसानों की बर्बादी का आकलन इस रूप में कर सकते हैं कि 33 फीसदी नुकसान के मानक पर 4000 करोड़ का केंद्र से मुआवजा मांगने की तैयारी है। बाकी नुकसान जोड़ें तो यह आंकड़ा बहुत आगे निकल जाएगा। लेकिन केंद्र ने सूबे को अब तक कोई मदद नहीं की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

4000 करोड़ नुकसान, 1000 करोड़ की मांग भी अनसुनी

Politics on the relief for farmers.

गौर करने वाली बात यह भी है कि बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की बर्बादी का सिलसिला फरवरी महीने से चल रहा है। तब से गृह मंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान सहित कई केंद्रीय मंत्री फसलों की बर्बादी और किसानों की आत्महत्या व सदमे से मौतों की हकीकत जानने सूबे के कई जिलों तक पहुंच चुके हैं।

संयुक्त सचिव कृषि की अध्यक्षता वाला केंद्रीय दल भी सूबे में किसानों के नुकसान और फसलों की बड़ी बर्बादी की बात मानकर लौट चुका है। पर, मदद कुछ नहीं मिली। शुक्रवार को प्रदेश के राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने बिना पैसा दिए, देने की बात करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों पर निशाना भी साधा।

प्रदेश के किसानों का 4000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने 1000 करोड़ रुपये तत्काल सहायता केंद्र से मांगी। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी। मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव को इस मदद के लिए पत्र लिखा।

पर बड़ी विपदा मानने के बावजूद अभी तक एक पाई भी नहीं दी गई। राज्य आपदा मोचक निधि के लिए प्रदेश को 2015-16 में 750 करोड़ मिलना है। मुख्य सचिव ने यह रकम तत्काल जारी करने का आग्रह किया था, लेकिन यह पैसा भी अभी तक नहीं मिला।

ये कह रहे हैं मोदी के मंत्री

Politics on the relief for farmers.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरूवार को सहारनपुर में कहा कि राज्य सरकार खजाने की चिंता किए बिना किसानों की मदद करे। हर कदम पर केंद्र सरकार उनके साथ खड़ी है। केंद्र ने यूपी के किसानों की मदद के लिए 506 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

अब राज्य सरकार तुरंत मुआवजा राशि उन्हें दे ताकि फौरी तौर पर किसानों को राहत मिल सके। देश के कई राज्य किसानों के कर्ज माफ कर रहे हैं। यूपी सरकार भी ऐसा कर सकती है।

नए मानक पर मेमोरेंडम भेजें तब तो दे पाएं सहायता

वहीं, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों के साथ है। केंद्र के वरिष्ठ मंत्री जिलों में नुकसान का जायजा ले रहे हैं। केंद्रीय टीम जायजा लेकर लौट चुकी है। पर, यूपी सरकार ने अब तक नए मानक के हिसाब से मेमोरेंडम नहीं भेजा है।

जैसे ही मेमोरेंडम मिलेगा, प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द पैसा दिया जाएगा। यूपी सरकार से कहा गया है कि वह जितनी आवश्यकता हो राज्य के कंटीजेंसी फंड से खर्च करें, केंद्र उसकी प्रतिपूर्ति करेगा। इसके अलावा राज्य आपदा मोचक फंड का पैसा रिलीज करने की कार्यवाही की जा रही है।

राज्य सरकार ने तत्काल जारी किए पैसे

Politics on the relief for farmers.

यूपी के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद कहा कि केंद्र से कोई सहायता मिले बगैर राज्य सरकार किसानों को मदद के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश ने तत्काल अपने स्तर से पैसे जारी किए हैं।

केंद्र झूठे सपने दिखा रहा है। यूपी के हिस्से का 2500 करोड़ भी जारी नहीं किया है। केंद्रीय टीम के सर्वे के बाद भी पैसा नहीं मिला। किसानों के प्रति संवेदनशील नहीं है केंद्र सरकार। गृहमंत्री तो यूपी के ही हैं। उन्हें तो ज्यादा मदद करनी चाहिए।

33 फीसदी नुकसान के मानक में ये जिले नहीं
नए मानक के हिसाब से सर्वे के बाद दस जिले ऐसे मिले जहां फसलों को 33 फीसदी से कम नुकसान हुआ है। ये जिले हैं- बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, देवरिया, महराजगंज, बिजनौर व चंदौली।

11 लाख 13 हजार किसानों में बांटे 482 करोड़

प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने अब तक 11.13 लाख किसानों में 482 करोड़ रुपये की राहत राशि पहुंचा दी है। प्रदेश सरकार ने अब तक 1135 करोड़ रुपये जिलों को जारी किए हैं।

इस तरह हुआ नुकसान
- 65 जिलों में 33 फीसदी से ज्यादा फसलों को नुकसान
- आपदा में शामिल कारणों से 50 लोगों की मौत
- आत्महत्या, सदमे से हार्टअटैक व अन्य वजहों से करीब 350 मौत
- 157 पशु मरे

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed