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'अखिलेश के खिलाफ पंचम तल में हो रही साजिश'
राजेंद्र सिंह/लखनऊ
Updated Fri, 20 Dec 2013 12:10 AM IST
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समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को नौकरशाही पर सीधा निशाना साधा। कहा कि नौकरशाही, खास तौर से पंचम तल मुख्यमंत्री और उनकी सरकार के खिलाफ साजिश में शामिल है।
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मुख्यमंत्री की घोषणाओं और वादों के पूरा न होने से प्रदेश में सरकार के खिलाफ नकारात्मक माहौल बन रहा है। उन्होंने चेताया कि राजनीतिक फैसले नौकरशाही पर छोड़ देना आत्मघाती होगा।
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गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक सीट से सपा के विधान परिषद देवेंद्र प्रताप सिंह ने विधानसभा के सेंट्रल हॉल में पत्रकारों से बातचीत में नौकरशाही पर हमला कर अपनी सरकार को ही कठघरे में खड़ा किया।
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देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सदन में सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों और मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंचों से की गई घोषणाओं पर अमल नहीं हो पा रहा है। नौकरशाही राज्य की स्थापित परंपरा को ध्वस्त करने में लगी है।
13 जून 2012 और 10 अप्रैल 2013 को मुख्यमंत्री आवास और एनेक्सी में मुख्यमंत्री के साथ बैठक में तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण और सीटी एवं एलटी ग्रेड की वेतन विसंगतियां दूर करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी।
इसके अलावा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का पारिश्रमिक सीबीएसई के बराबर करने पर भी सहमति जताई गई थी, लेकिन इन पर अमल नहीं हुआ।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, विधानमंडल के दोनों सदनों में गोरखपुर विश्वविद्यालय के मानदेय शिक्षकों को नियमित करने का आश्वासन दिया गया था।
सरप्लस शिक्षकों को दो माह में समायोजित करने का आश्वासन विधान परिषद में दिया गया था। वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय देने की प्रतिबद्धता भी जताई गई थी।
खुद मुख्यमंत्री ने संस्कृत शिक्षकों को विनियमित करने का आश्वासन दिया था। शिक्षामित्रों को समायोजित करने की घोषणा भी सरकार ने कई बार की, लेकिन इन घोषणाओं पर अमल में नौकरशाह बाधक बने हुए हैं।
इसी का नतीजा है कि पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन सारे मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता से लेकर जनाक्रोश को भड़कने से रोकना चाहिए।