फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Political mercury rises after death of victim of Hathras

यूपीः हाथरस की सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित बेटी की मौत पर चढ़ा प्रदेश का सियासी पारा

Wed, 30 Sep 2020 01:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 30 Sep 2020 01:15 AM IST
विज्ञापन
Political mercury rises after death of victim of Hathras
घटना के विरोध में... - फोटो : अमर उजाला

हाथरस की सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग बेटी की मौत पर मंगलवार को प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया। राजधानी में इस वारदात को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों को हल्का बल प्रयोग के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। देर शाम उन्हें रिहा किया गया। सपाइयों को कैंडल मार्च निकालने से रोकने पर पुलिस के साथ झड़प भी हुई। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस घटना पर सरकार को घेरा। साथ ही पीड़ित परिवार के लिए तत्काल इंसाफ की मांग की।

विज्ञापन


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूपी की एक और दलित बेटी हैवानियत का शिकार होकर जिंदगी की जंग हार गई। प्रदेश में अपराध सिर चढ़कर बोल रहा है। गुंडाराज कायम हो चुका है। यह अधिकारी, अपराधी और सरकार के गठजोड़ का भयावह परिणाम है। 15 अगस्त को लखीमपुर में 13 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई। 
विज्ञापन


इसी दिन लखनऊ के गुडंबा में किशोरी से दुष्कर्म के बाद तेजाब फेंका। गोरखपुर में दुष्कर्म के बाद सिगरेट से दागा गया। दुष्कर्म और हत्या यह सिलसिला किसी न किसी शहर में लगातार जारी है। 14 सितंबर को हाथरस में घटी इस वीभत्स घटना की 8 दिनों तक एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई। मामले को छिपाने की साजिश की गई। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किसको बचाना चाहती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्यपाल से सीधा प्रश्न करते हुए कहा कि वह उत्तर प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था पर चुप क्यों हैं। महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर उनका एक बयान भी क्यों नहीं आया। मुख्यमंत्री ने सदन में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का वादा किया था, जोकि आज तक पूरा नहीं हुआ।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पीड़िता को समुचित इलाज के लिए एयरलिफ्ट करके एम्स भी नहीं ले जाया गया, जो सरकार की संवेदनहीनता दिखाती है। सरकार अपराधियों को बचाने के लिए आधिकारिक तौर पर घटना को फर्जी बताती रही। मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार तक घटना को लगातार फेक न्यूज साबित करने में जुटे रहे। उन्होने कहा कि सीएम और पीएम इस घटना पर चुप क्यों हैं। महिला संगठनों, अभिनेत्रियों और बाल विकास मंत्री को घेरते हुए कहा कि यह सब चुप क्यों हैं। दलित शोषित समाज से आने के कारण ही सरकार ने उचित इलाज मुहैया नहीं कराया। मुआवजा भी नहीं दिया।

कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने प्रेसवार्ता में इस घटना पर दुख व्यक्त किया। कहा कि सरकार का दोहरा चेहरा बेनकाब हो गया है। इस सरकार के तीन सालों में अन्याय चरम पर पहुंच गया है और निर्भया कांड की पुनरावृत्ति हुई है। उन्होने कहा कि वह इस घटना को लेकर सड़क से सदन तक लड़ेंगी और पीड़िता को न्याय दिलाएंगीं। सरकार के स्वयं प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पीड़िता के मेडिकल रिपोर्ट में कोई गंभीर चोट न होना बताया जाना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। सरकार बेटियों को सुरक्षा देने में अक्षम है। 

महिला आयोग और एससी-एसटी आयोग की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने घटना की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराए जाने की मांग की। पीड़ित परिवारीजनों को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को जल्द सजा दिलाए जाने की मांग की।

घटना के खिलाफ कांग्रेस का कैंडल मार्च

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में हाथरस की घटना पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से मोमबत्ती जुलूस निकाला गया। पुलिस ने रोका तो लल्लू समेत सभी नेता सड़क पर बैठक गए। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी, सिद्धार्थ प्रिय श्रीवास्तव, अनिल यादव, यूथ कांग्रेस के शिवम त्रिपाठी आदि शामिल रहे। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की सिद्धिश्री, तरुण रावत और सरलेश रावत आदि ने काली पट्टी बांधकर न्याय मार्च निकाला गया।

पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगी प्रिंयका
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू ने बताया कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवारजनों से फोन पर बात की है। वह शीघ्र ही उनके घर भी जाएंगी।

बहन-बेटियों वाले परिवारों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण शासनकाल : अखिलेश
पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर ट्वीट किया, हाथरस की गैंगरेप एवं दरिंदगी की शिकार एक बेबस दलित बेटी ने आखिकारकार दम तोड़ दिया। नम आंखों से पुष्पांजलि। आज की असंवेदनशील सत्ता से अब कोई उम्मीद नहीं बची है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर हो रहे व्यंग-चित्रण वर्तमान सत्ता के दिखावटी शासन का भंडाफोड़ है। ये उत्तर प्रदेश के बहन-बेटियों वाले परिवारों के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण शासनकाल है।

अपराधियों को मिले जल्द सजा : मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट करके कहा कि यूपी के हाथरस में गैंपरेप के बाद दलित पीड़िता की आज हुई मौत की खबर अति दुखद है। सरकार पीड़ित परिवार की हरसंभव सहायता करे। बीएसपी की यह मांग है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर अपराधियों को जल्द सजा सुनिश्चित करे। 

महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सीएम जवाबदेह : प्रियंका
प्रियंका ने ट्वीट किया, हाथरस में हैवानियत झेलने वाली दलित बच्ची ने सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। दो हफ्ते तक वह अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझती रही। हाथरस, शाहजहांपुर और गोरखपुर में एक के बाद एक रेप की घटनाओं ने राज्य को हिला दिया है। यूपी में कानून व्यवस्था हद से ज्यादा बिगड़ चुकी है। महिलाओं की सुरक्षा का नाम-ओ-निशान नहीं है। अपराधी खुलेआम अपराध कर रहे हैं। इस बच्ची के कातिलों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। प्रियंका ने सीएम को टैग करते हुए कहा, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा के प्रति आप जवाबदेह हैं।

भाजपा के महिला सम्मान के नारे दिखावटी : नरेश उत्तम पटेल
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि भाजपा के बेटी बचाओ और महिला सम्मान के नारे दिखावटी और जनता को बहकाने वाले हैं। पीड़िता युवती की रिपोर्ट लिखने में पुलिस को 8 दिन लग गए। पुलिस ने छेड़खानी में केस दर्ज किया। इसके विरोध में सपा सड़क से संसद तक आवाज उठाएगी और उप चुनावों में भाजपा को पराजय का मुंह देखना पड़ेगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन जब पीड़ित परिवार से मिलने बूलगड़ी जा रहे थे। पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर आगे जाने से रोका। रामजी सुमन के साथ पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी भाजूद्दीन, जिला महासचिव जैनुद्दीन चौधरी आदि सैकड़ों कार्यकर्ता थे। सपा ने सभी जिलों में महिलाओं ने कैंडल मार्च निकालकर इस घटना का विरोध किया। महिलाओं के मार्च को कई जगह पुलिस ने रोकने की कोशिश भी की।

राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी की जिला एवं महानगर महिला सभा की ओर से हाथरस कांड और सरकार की दलित विरोधी नीति के खिलाफ  कैंडल मार्च निकाला गया। पार्टी के लखनऊ जिला कार्यालय, कैसरबाग से महिलाओं का जुलूस महिला सभा की जिलाध्यक्ष प्रेमलता यादव और महानगर अध्यक्ष किरन पांडेय के नेतृत्व में शुरू हुआ। पुलिस ने कार्यालय के गेट पर ही घेराबंदी शुरू कर दी। कामिनी पटेल, उर्मिला रावत, सुधा यादव आदि मुख्य रूप से शामिल थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed