शिक्षकों के तबादले पर नई नीति, दिए सुझाव
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परिषदीय स्कूलों में इस बार जिलों के अंदर तबादले के लिए नई व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया है। दो शिक्षक यदि आपसी समझौते के आधार पर एक-दूसरे के स्थान पर जाना चाहते हैं तो प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरित किया जाए।
इसी तरह विकल्प देने वाले शिक्षकों में वरिष्ठता क्रम में सबसे ऊपर वाले को प्राथमिकता दी जाए। बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बेसिक शिक्षा अधिकारियों की बैठक में ये सुझाव दिए गए।
राज्य सरकार जिलों के अंदर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के तबादले की अनुमति बेसिक शिक्षा अधिकारियों को देना चाहती है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डिंपल वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू करने से पहले बेसिक शिक्षा अधिकारियों से राय ले ली जाए।
इसके आधार पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने सोमवार को बैठक में बीएसए से पूछा कि तबादले में उनके क्या सुझाव हैं। इस पर सुझाव दिया गया कि तबादला उन्हीं शिक्षकों का किया जाना चाहिए जो चाहते हैं और जो नहीं चाहते हैं उनका नहीं किया जाना चाहिए।
एक साथ मिले तबादले की अनुमति
इसी तरह ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में एक साथ ही तबादले की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की सुविधा मिल सके। बेसिक शिक्षा निदेशक अब इस सुझाव को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा के समक्ष रखेंगे और इसके बाद शासनादेश जारी किया जाएगा।
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में 130 पाए गए फर्जी
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में प्रदेश भर में करीब 130 अभ्यर्थी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने में सफल रहे। अब इन्हें बर्खास्त करते हुए इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में पात्रों को जल्द नियुक्ति पत्र दे दिए जाएं और फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कई जिलों से सूचना न मिलने पर नाराजगी भी जताई। कहा कि जल्द ही सभी सूचनाएं निर्धारित प्रारूप पर एससीईआरटी को उपलब्ध करा दी जाएं।