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Lucknow News: स्टीमरों पर मुस्तैद रहेंगे पुलिसकर्मी, ड्रोन से निगरानी
Thu, 14 Nov 2024 02:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 14 Nov 2024 02:20 AM IST
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डलमऊ के गंगाघाट पर कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर लगाई गई स्टीमर।
- फोटो : संवाद
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रायबरेली। कार्तिक पूर्णिमा स्नान से पहले ही गंगा घाटों पर श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। शुक्रवार को लाखों श्रद्धालु जुटेंगे। उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन ने भी खास इंतजाम किए हैं। गंगा में आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नाव व स्टीमरों के साथ पुलिस कर्मी मुस्तैद रहेंगे। सभी घाटों की बैरिकेडिंग कराई गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। रायबरेली के अलावा लखीमपुर खीरी, सीतापुर, उन्नाव जिले की पुलिस भी सुरक्षा पर पैनी नजर रखेगी।
डलमऊ कार्तिक पूर्णिमा मेले को सात सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार किया गया है। हर सेक्टर पर सेक्टर प्रभारी की तैनाती की गई है। डलमऊ के 17 घाटों पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा सरेनी के गेगासो और ऊंचाहार के गोकना घाटों पर तीन लाख से ज्यादा भक्त गंगा स्नान करने पहुंचते हैं।
भीड़ की वजह से लोगों के गंगा में डूबने का खतरा रहता है। इसके मद्देनजर एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने जल पुलिस की मांग की थी। लखनऊ रेंज के आईजी की तरफ से जिले को एक प्लाटून मुहैया कराई गई है। जल पुलिस के जवान नावों और तीन स्टीमर पर मौजूद रहकर स्नान करने वालों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा छह सदस्यीय पुलिस टीम ड्रोन के जरिए अराजकतत्वों पर नजर रखेगी। सादे कपड़ों में भी पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। अलग-अलग घाटों पर छह कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। बुधवार की रात से गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
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अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा मेले को लेकर सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। रायबरेली के अलावा बाहरी जिले की फोर्स यहां पहुंच गई है। सभी की ड्यूटी लगा दी गई है।
ये संभालेंगे सुरक्षा का मोर्चा
एएसपी एक
सीओ 8
थाना प्रभारी 18
निरीक्षक 42
उपनिरीक्षक 152
मुख्य आरक्षी 146
आरक्षी 410
अंडर ट्रेनिंग पुलिस कर्मी 200
होमगार्ड 240
पीएसी एक प्लाटून
जल पुलिस एक प्लाटून
दूरबीन से स्नानार्थियों पर रखेंगे नजर
घाटों पर वाॅच टावर बनाए गए हैं। वाॅच टावरों पर एक-एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। कर्मचारियों के पास दूरबीन और हैंडहेल्ड वायरलेस सेट होंगे। इन कर्मचारियों का दायित्व होगा कि वे स्नान घाटोंं पर दूरबीन के माध्यम से सतर्क दृष्टि रखेंगे कि किसी स्नानार्थी के डूबने या अपराध आदि होने की स्थिति पर वह कंट्रोलरूम के माध्यम से सेक्टर प्रभारी या घाटों पर नियुक्त अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
चेजिंग रूम की होगी व्यवस्था
महिलाओं के कपड़े बदलने की व्यवस्था के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष डलमऊ की ओर से चेजिंग रूम की व्यवस्था कराई जाएगी। प्रभारी निरीक्षक डलमऊ यह व्यवस्था अपनी देखरेख में कराएंगे। इन स्थलों पर महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिनका दायित्व होगा कि इन स्थलों के पास कोई भी असामाजिकतत्व न जाने पाए। महिलाओं केे साथ छींटाकशी की घटनाएं रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड टीमें लगाई जाएंगी।
भीड़ नियंत्रित करने के लिए बनाए गए 32 बैरियर
मेले में यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से बनाए रखने तथा भीड़ नियंत्रित रखने के लिए 32 बैरियर बनाए गए हैं। इन बैरियरों पर तैनात कर्मचारियों का दायित्व है कि आवागमन का बेहतर तरीके से संचालन हो। गंगा घाटों तक भक्तों को पहुंचने में कोई दिक्कत न हो। यदि जाम लगता है तो उसे तुरंत हटाएं।
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डलमऊ कार्तिक पूर्णिमा मेले को सात सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार किया गया है। हर सेक्टर पर सेक्टर प्रभारी की तैनाती की गई है। डलमऊ के 17 घाटों पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा सरेनी के गेगासो और ऊंचाहार के गोकना घाटों पर तीन लाख से ज्यादा भक्त गंगा स्नान करने पहुंचते हैं।
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भीड़ की वजह से लोगों के गंगा में डूबने का खतरा रहता है। इसके मद्देनजर एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने जल पुलिस की मांग की थी। लखनऊ रेंज के आईजी की तरफ से जिले को एक प्लाटून मुहैया कराई गई है। जल पुलिस के जवान नावों और तीन स्टीमर पर मौजूद रहकर स्नान करने वालों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा छह सदस्यीय पुलिस टीम ड्रोन के जरिए अराजकतत्वों पर नजर रखेगी। सादे कपड़ों में भी पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। अलग-अलग घाटों पर छह कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। बुधवार की रात से गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
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अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा मेले को लेकर सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। रायबरेली के अलावा बाहरी जिले की फोर्स यहां पहुंच गई है। सभी की ड्यूटी लगा दी गई है।
ये संभालेंगे सुरक्षा का मोर्चा
एएसपी एक
सीओ 8
थाना प्रभारी 18
निरीक्षक 42
उपनिरीक्षक 152
मुख्य आरक्षी 146
आरक्षी 410
अंडर ट्रेनिंग पुलिस कर्मी 200
होमगार्ड 240
पीएसी एक प्लाटून
जल पुलिस एक प्लाटून
दूरबीन से स्नानार्थियों पर रखेंगे नजर
घाटों पर वाॅच टावर बनाए गए हैं। वाॅच टावरों पर एक-एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। कर्मचारियों के पास दूरबीन और हैंडहेल्ड वायरलेस सेट होंगे। इन कर्मचारियों का दायित्व होगा कि वे स्नान घाटोंं पर दूरबीन के माध्यम से सतर्क दृष्टि रखेंगे कि किसी स्नानार्थी के डूबने या अपराध आदि होने की स्थिति पर वह कंट्रोलरूम के माध्यम से सेक्टर प्रभारी या घाटों पर नियुक्त अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
चेजिंग रूम की होगी व्यवस्था
महिलाओं के कपड़े बदलने की व्यवस्था के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष डलमऊ की ओर से चेजिंग रूम की व्यवस्था कराई जाएगी। प्रभारी निरीक्षक डलमऊ यह व्यवस्था अपनी देखरेख में कराएंगे। इन स्थलों पर महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिनका दायित्व होगा कि इन स्थलों के पास कोई भी असामाजिकतत्व न जाने पाए। महिलाओं केे साथ छींटाकशी की घटनाएं रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड टीमें लगाई जाएंगी।
भीड़ नियंत्रित करने के लिए बनाए गए 32 बैरियर
मेले में यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से बनाए रखने तथा भीड़ नियंत्रित रखने के लिए 32 बैरियर बनाए गए हैं। इन बैरियरों पर तैनात कर्मचारियों का दायित्व है कि आवागमन का बेहतर तरीके से संचालन हो। गंगा घाटों तक भक्तों को पहुंचने में कोई दिक्कत न हो। यदि जाम लगता है तो उसे तुरंत हटाएं।