यूपी पुलिस भर्ती: पहली बार घुड़सवार के पद के लिए हुई लिखित परीक्षा, इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर बनाए गए व्यवस्थापक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के 10 जिलों के 335 केंद्रों पर जेल वार्डर, फायरमैन और घुड़सवार पदों के लिए पुलिस भर्ती परीक्षा का पहला दिन शान्तिपूर्ण रहा। बता दें कि यह पहली बार हो रहा है कि घुड़सवार के पद पर नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया।
लखनऊ में 72 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। परीक्षा सुबह और दोपहर दो पाली में हुई। सुबह 10 से 12 और दोपहर दो से चार बजे तक चली परीक्षा के दौरान कहीं भी किसी तरह की समस्या नहीं दिखी।
पुलिस आयुक्त डी के ठाकुर ने बताया कि 72 केंद्रों में हो रही परीक्षा के लिए 750 महिला-पुरुष पुलिसकर्मी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों को पांच जोन में बांटा गया है जिसके प्रभारी सम्बंधित जोन के डीसीपी हैं। सभी परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापक उक्त क्षेत्र के इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर को बनाया गया है। परीक्षा रविवार को भी जारी रहेगी।
इससे पहले, परीक्षा को लेकर शुक्रवार को ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तैयारी के संबंध में बैठक की और अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए।
पिछली भर्ती परीक्षाओं में सॉल्वर गिरोह सेंध लगा चुके हैं। इसे देखते हुए गिरोह के पकड़े जा चुके सदस्यों पर खास नजर रखी गई। कोचिंग सेंटरों पर भी पुलिस तैनात की गई। हाल में ही एक गिरोह का सरगना गाजियाबाद में पकड़ा गया था। उसके गिरोह के फरार सदस्यों के घर पुलिस ने दबिश दी थी।
लखनऊ में बनाए गए सबसे अधिक सेंटर
परीक्षा के लिए सबसे अधिक 72 सेंटर लखनऊ में बनाए गए थे। इसके अलावा प्रयागराज में 65, वाराणसी में 58 और कानपुर में 56 सेंटर बनाए गए थे। वहीं गोरखपुर में 35, आगरा में 30, बरेली में आठ, गाजियाबाद में पांच, मेरठ और गौतमबुद्धनगर में 3-3 सेंटर बनाए गए थे।
चार साल बाद हो रही है परीक्षा
जेल वार्डर, फायरमैन और घुड़सवार की भर्ती 2016 में सपा शासनकाल में निकली थी लेकिन उसकी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। इसमें जेल वार्डर के 3638 पद, फायरमैन के 2085 पद और घुड़सवार पुलिस के 102 पद शामिल हैं।