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पुलिस कर्मियों को अब निजी अस्पतालों में भी मिलेगा सस्ता इलाज, आड़े नहीं आएगी पैसों की कमी

Sun, 29 Dec 2019 09:45 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Avdhesh Kumar Updated Sun, 29 Dec 2019 09:45 PM IST
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Police personnel will now get cheaper treatment in private hospitals
यूपी पुलिस - फोटो : डेमो
प्रदेश के पुलिस जवानों और उनके परिजनों को चुनिंदा निजी अस्पतालों में सस्ता इलाज और लैब में सस्ती जांच की सुविधा मिल सकेगी। शुरुआत में 15 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू की गई इस स्कीम के सफल परीक्षण के बाद जल्द ही इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। अगले चरण में 45 जिलों में इसे लागू करने की तैयारी है। शेष जिलों में अगले महीने के अंत तक यह सुविधा उपलब्ध होगी।
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डीजीपी मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक निजी अस्पतालों में इलाज कराने व जांच कराने पर एसजीपीजीआई की जो दरें हैं, उसके अनुसार प्रतिपूर्ति मिलती थी। लेकिन अब केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के निर्धारित दरों के अनुसार प्रतिपूर्ति मिलेगी। पुलिस महकमा भी प्रत्येक जिलों ऐसे अस्पतालों से एमओयू हस्ताक्षरित कर रहा है जो सीजीएचएस की दरों पर इलाज और जांच उपलब्ध करा सके।
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दर असल पुलिस कर्मी और उनका परिवार महंगे इलाज के कारण निजी अस्पतालों का रुख करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। क्योंकि सरकार पीजीआई की जिन दरों के मुताबिक प्रतिपूर्ति करती थी, वह काफी कम होती थी। इसे देखते हुए प्रदेश के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने पहले केंद्रीय अर्ध सैनिक बल के जवानों को जिन दरों पर चिकित्सा सुविधा मिलती है, उसी दर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों को भी सुविधा मुहैया कराने की पैरवी की और फिर पायलट प्रोजेक्ट के तहत 15 जिलों के 130 अस्पतालों से संपर्क कर इसे लागू भी कराया। 
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अक्तूबर माह से शुरू की गई इस व्यवस्था के काफी सार्थक परिणाम सामने आए। नोएडा के एक सिपाही के इलाज का खर्च निजी अस्पताल में 80 हजार रुपये था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत उक्त सिपाही का इलाज 24 हजार रुपये में हो गया। इस 24 हजार रुपये की प्रतिपूर्ति भी विभाग की ओर कर दी गई। 

इसी तरह जो एमआरआई जांच निजी पैथोलॉजी में आम लोगों के लिए छह से सात हजार रुपये में होती है वही जांच पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों के लिए दो हजार रुपये से 2400 रुपये तक में उपलब्ध है। अन्य जांच में भी काफी अंतर है।


इन जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू की थी सुविधा

जानकारी के अनुसार गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर, आगरा, बरेली, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत यहां के निजी अस्पतालों से एमओयू किया जा चुका है। दूसरे चरण में 45 और जिलों में इसे लागू करने की तैयारी है।
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