गैंगरेप हुआ, पर पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
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सूबे में अपराधियों का मनोबल क्यों बढ़ा हुआ है? इसका अंदाजा तो आप इसे पढ़कर लगा सकते हैं। जहां गैंगरेप के बाद पुलिस ने रिपोर्ट ही नहीं लिखी।
मलिहाबाद क्षेत्र के एक गांव में दो युवकों ने रविवार रात घर में घुसकर किशोरी को चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए से सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी ने दो दिन बाद घर लौटे माता-पिता को आपबीती सुनाई और उनके साथ थाने जाकर तहरीर दी।
पुलिस ने न रिपोर्ट लिखी और न ही किशोरी को डॉक्टरी मुआयने के लिए भेजा। अलबत्ता दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच पड़ताल कर रही है।
युवक छत के रास्ते आंगन में उतरे
मलिहाबाद के एक गांव में रहने वाले दंपती रविवार को अपने बच्चों को घर पर छोड़कर रिश्तेदारी में गए थे। उनकी 13 वर्षीय बेटी ने छोटी बहनों को खाना खिलाकर कमरे में सुलाया और खुद आंगन में बिस्तर लगाकर लेट गई।
देर रात गांव के ही दो युवक छत के रास्ते आंगन में उतरे। किशोरी का मुंह दबाया और भूसे की कोठरी में उठा ले जाकर चाकू दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद दुष्कर्म किया और किसी से कहने पर परिवार को खत्म करने की धमकी देकर भाग निकले।
किशोरी ने किसी तरह खुद को संभाला। युवकों की धमकी व बदनामी के डर से जुबान नहीं खोली और माता-पिता के लौटने का इंतजार करती रही।
डॉक्टरी मुआयने के लिए नहीं भेजा
मंगलवार सुबह माता-पिता के लौटने पर रोते हुए आपबीती सुनाई। सकते में आए माता-पिता बेटी को लेकर मलिहाबाद कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय जांच के बाद कार्रवाई की बात कही।
पीड़ित परिवार को लेकर पुलिस गांव पहुंची। घर का निरीक्षण करने के साथ आरोपी युवकों को हिरासत में लेकर लौट गई। देर शाम तक न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही किशोरी को डॉक्टरी मुआयने के लिए अस्पताल भेजा गया।
इंस्पेक्टर मलिहाबाद शेषमणि पाठक का कहना है कि एक गांव में ड्यूटी पर होने के चलते आरोपियों से पूछताछ नहीं कर सके हैं। किशोरी ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है, लेकिन दोनों युवक इन्कार कर रहे हैं। जांच की जा रही है।