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एक हजार करोड़ की ठगी कर फरार रोहतास बिल्डर के मालिकों की संपत्ति कुर्क
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मदन मोहन मालवीय मार्ग स्थित रोहतास बिल्डर के यहां कुर्की की कार्रवाई करती पुलिस।
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लखनऊ। प्लॉट व फ्लैट देने के नाम पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले रोहतास बिल्डर्स के मालिकों की संपत्ति शुक्रवार को कुर्क कर दी गई। दो करोड़ की संपत्ति कुर्क करने में आठ घंटे लगे। आरोपी बिल्डरों के खिलाफ 2019 में गिरोह बंद की कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद गौतम पल्ली थाने में विवेचना की जा रही थी। पुलिस ने 2019 में ही कंपनी के मालिकों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया था। हालांकि, इसके बाद भी ये हाथ नहीं लगे तो पुलिस ने सभी को भगोड़ा घोषित किया। बृहस्पतिवार को कुर्की का कोर्ट से आदेश मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी।
एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के नेतृत्व में एसीपी हजरतगंज राघवेंद्र मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक गौतमपल्ली आलोक राय, अतिरिक्त निरीक्षक बृजेंद्र मिश्रा सहित सैकड़ों पुलिसकर्मी दोपहर 12 बजे रोहतास बिल्डर्स के सीएमडी व एमडी परेश रस्तोगी, पीयूष रस्तोगी और पंकज रस्तोगी के घर पहुंचे। मदन मोहन मालवीय मार्ग स्थित आवास पर पहुंचने के बाद टीम ने परिवारीजन को कुर्की का आदेश रिसीव करवाकर कार्रवाई शुरू की। यह आठ घंटे तक चली।
रोहतास बिल्डर के मालिकों पर सैकड़ों लोगों को प्लॉट और फ्लैट देने के नाम पर ठगने का आरोप है। कंपनी के तीनों निदेशकों के खिलाफ सबसे ज्यादा हजरतगंज में मुकदमे हैं। गोमतीनगर विभूतिखंड, गोसाईंगंज में भी कई मामले हैं। पुलिस के मुताबिक राजधानी में रोहतास बिल्डर के खिलाफ 100 से अधिक केस हैं। सीएमडी सहित तीनों की तलाश पुलिस तीन साल से कर रही है। कुर्की के दौरान दो प्लाटून पीएसी, दो इंस्पेक्टर, दो अन्य टीम, एक महिला पुलिसकर्मियों की टीम लगी थी।
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कई रसूखदारों ने किया था निवेश
हजरतगंज पुलिस ने 2019 में विशेष अभियान ‘ऑपरेशन 420’ के तहत रोहतास के वीपी नितिन भाटिया को गिरफ्तार किया था। हालांकि, इसके बाद पुलिस के हाथ कंपनी का कोई अन्य अधिकारी नहीं लगा। रोहतास की आकर्षक योजनाओं में कई रसूखदारों के करोड़ों रुपये का निवेश हुआ है। इसमें कई आईएएस, आईपीएस, राजनीतिक दलों से जुड़े कद्दावर नेता और न्यायिक अधिकारी शामिल हैं। सभी ने रोहतास के मालिकों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
बेची संपत्तियों को बैंक में रख दिया गिरवी
पुलिस के मुताबिक रोहतास बिल्डर्स के मालिकों ने आवंटियों के साथ-साथ बैंक से भी धोखाधड़ी की। बेची संपत्ति के दस्तावेज बैंक में गिरवी रखकर करोड़ों रुपये का लोन करा लिया। आरोप है कि 133 आवंटियों ने एक साथ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, कंपनी पर 500 एलआईसी के कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने का भी आरोप है।
नौ मुकदमों में जारी हुआ गैर जमानती वारंट
पुलिस के मुताबिक रोहतास के मालिकों के खिलाफ दर्ज 9 मुकदमों में शुक्रवार को गैर जमानी वारंट हासिल करने में सफलता मिली। पुलिस अब अन्य संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। वहीं, बैंक खातों की भी डिटेल मंगवाई जा रही है, ताकि खातों को भी सीज किया जा सके। 10 जनवरी को गोरखपुर के शाहपुर थाने की पुलिस ने परेश रस्तोगी, पीयूष रस्तोगी व पंकज रस्तोगी को फरार घोषित किया था।
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एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के नेतृत्व में एसीपी हजरतगंज राघवेंद्र मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक गौतमपल्ली आलोक राय, अतिरिक्त निरीक्षक बृजेंद्र मिश्रा सहित सैकड़ों पुलिसकर्मी दोपहर 12 बजे रोहतास बिल्डर्स के सीएमडी व एमडी परेश रस्तोगी, पीयूष रस्तोगी और पंकज रस्तोगी के घर पहुंचे। मदन मोहन मालवीय मार्ग स्थित आवास पर पहुंचने के बाद टीम ने परिवारीजन को कुर्की का आदेश रिसीव करवाकर कार्रवाई शुरू की। यह आठ घंटे तक चली।
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रोहतास बिल्डर के मालिकों पर सैकड़ों लोगों को प्लॉट और फ्लैट देने के नाम पर ठगने का आरोप है। कंपनी के तीनों निदेशकों के खिलाफ सबसे ज्यादा हजरतगंज में मुकदमे हैं। गोमतीनगर विभूतिखंड, गोसाईंगंज में भी कई मामले हैं। पुलिस के मुताबिक राजधानी में रोहतास बिल्डर के खिलाफ 100 से अधिक केस हैं। सीएमडी सहित तीनों की तलाश पुलिस तीन साल से कर रही है। कुर्की के दौरान दो प्लाटून पीएसी, दो इंस्पेक्टर, दो अन्य टीम, एक महिला पुलिसकर्मियों की टीम लगी थी।
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कई रसूखदारों ने किया था निवेश
हजरतगंज पुलिस ने 2019 में विशेष अभियान ‘ऑपरेशन 420’ के तहत रोहतास के वीपी नितिन भाटिया को गिरफ्तार किया था। हालांकि, इसके बाद पुलिस के हाथ कंपनी का कोई अन्य अधिकारी नहीं लगा। रोहतास की आकर्षक योजनाओं में कई रसूखदारों के करोड़ों रुपये का निवेश हुआ है। इसमें कई आईएएस, आईपीएस, राजनीतिक दलों से जुड़े कद्दावर नेता और न्यायिक अधिकारी शामिल हैं। सभी ने रोहतास के मालिकों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
बेची संपत्तियों को बैंक में रख दिया गिरवी
पुलिस के मुताबिक रोहतास बिल्डर्स के मालिकों ने आवंटियों के साथ-साथ बैंक से भी धोखाधड़ी की। बेची संपत्ति के दस्तावेज बैंक में गिरवी रखकर करोड़ों रुपये का लोन करा लिया। आरोप है कि 133 आवंटियों ने एक साथ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, कंपनी पर 500 एलआईसी के कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने का भी आरोप है।
नौ मुकदमों में जारी हुआ गैर जमानती वारंट
पुलिस के मुताबिक रोहतास के मालिकों के खिलाफ दर्ज 9 मुकदमों में शुक्रवार को गैर जमानी वारंट हासिल करने में सफलता मिली। पुलिस अब अन्य संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। वहीं, बैंक खातों की भी डिटेल मंगवाई जा रही है, ताकि खातों को भी सीज किया जा सके। 10 जनवरी को गोरखपुर के शाहपुर थाने की पुलिस ने परेश रस्तोगी, पीयूष रस्तोगी व पंकज रस्तोगी को फरार घोषित किया था।

लखनऊ मदन मोहन मालवीय मार्ग स्थित रोहतास बिल्डर के यहां कुर्की के वक्त घर पर मौजूद लोग।