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Lucknow News: सुरक्षा के लिए पुराने ढांचों के पास पुलिस-पीएसी तैनात
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इसी मकबरे और मस्जिद को लेकर हो रहा विवाद।
मलिहाबाद। कसमंडी कलां गांव में ढांचों की ओर जाने वाले रास्तों पर रविवार को पीएसी और थाने की पुलिस मुस्तैद दिखी। यह सुरक्षा व्यवस्था बीते शनिवार को सुहेलदेव आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी के पुराने ढांचे में हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश करने पर की गई है।
21 मई से ढांचों को लेकर विवाद गरमाया हुआ है। इसे देख प्रशासन ने किसी भी तरह से माहौल बिगड़ने पर इससे निपटने की तैयारी की है। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी और सुहेलदेव आर्मी के योगेश पासी ने मुद्दा उठाया था कि कसमंडी कलां में बना मकबरा और मस्जिद वर्ष 980 से 1031 के दौरान राजपासी राजा कंस शिव मंदिर और किला था। इसकी दीवारों पर आज भी हिंदुओं की परंपरागत आकृतियां बनी हुई हैं, जिसे दूसरे समुदाय के लोगों ने मस्जिद और मकबरे में तब्दील कर दिया। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों में भूमि कब्रिस्तान दर्ज है। इसमें किसी प्रकार का कोई नया निर्माण नहीं कराया गया है। सैकड़ों वर्ष पुरानी मकबरे में कब्रें बनी हुई हैं और मस्जिद में प्रत्येक जुमे की नमाज होती आई है। इस मुद्दे को इतने सालों के बाद उठाकर राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
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21 मई से ढांचों को लेकर विवाद गरमाया हुआ है। इसे देख प्रशासन ने किसी भी तरह से माहौल बिगड़ने पर इससे निपटने की तैयारी की है। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी और सुहेलदेव आर्मी के योगेश पासी ने मुद्दा उठाया था कि कसमंडी कलां में बना मकबरा और मस्जिद वर्ष 980 से 1031 के दौरान राजपासी राजा कंस शिव मंदिर और किला था। इसकी दीवारों पर आज भी हिंदुओं की परंपरागत आकृतियां बनी हुई हैं, जिसे दूसरे समुदाय के लोगों ने मस्जिद और मकबरे में तब्दील कर दिया। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों में भूमि कब्रिस्तान दर्ज है। इसमें किसी प्रकार का कोई नया निर्माण नहीं कराया गया है। सैकड़ों वर्ष पुरानी मकबरे में कब्रें बनी हुई हैं और मस्जिद में प्रत्येक जुमे की नमाज होती आई है। इस मुद्दे को इतने सालों के बाद उठाकर राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।

इसी मकबरे और मस्जिद को लेकर हो रहा विवाद।

इसी मकबरे और मस्जिद को लेकर हो रहा विवाद।

इसी मकबरे और मस्जिद को लेकर हो रहा विवाद।

इसी मकबरे और मस्जिद को लेकर हो रहा विवाद।
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