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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   pm kisan samman nidhi Seven lakh farmers who were taking the PM Kisan Samman Nidhi turned out to be ineligible

PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ले रहे सात लाख किसान निकले अपात्र, ऐसे खुला फर्जीवाड़ा

Tue, 15 Nov 2022 09:08 AM IST
शाहरुख खान अमित मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ
अमित मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 15 Nov 2022 09:08 AM IST
सार

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ले रहे सात लाख किसान अपात्र निकले हैं। अब इन किसानों से रिकवरी शुरू कर दी है। अब तक 26 करोड़ वसूले गए हैं। भूलेख सर्वे में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। 

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pm kisan samman nidhi Seven lakh farmers who were taking the PM Kisan Samman Nidhi turned out to be ineligible
PM Kisan Samman Nidhi Yojana - फोटो : Istock

विस्तार

प्रदेश में सात लाख से ज्यादा किसान ऐसे हैं जिन्होंने फर्जीवाड़ा कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लिया है। भूलेख सर्वे में यह खुलासा हुआ है। ऐसे किसानों से रिकवरी की जा रही है। अब तक कुल 26 करोड़ वसूल जा चुके हैं। इन किसानों को निधि के 12वीं किस्त भी नहीं दि जाएगी।
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निधि वितरण में लगातार मिल रही गड़बड़ियों पर सरकार भूलेख सर्वे करा रही है। सर्वे तहसील स्तर पर राजस्व की टीमें कर रही हैं। वहीं, इस योजना के तहत बीते दिनों 11 वीं किस्त जारी हुई थी। इसके तहत प्रदेश के 2.6 करोड़ किसानों को 51,640 करोड़ रुपये दिए गए थे। 
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अब 12वीं किस्त के रूप में मिले 48,324 करोड़ रुपये का वितरण किया जा रहा है। साथ ही साथ सर्वे का भी काम चल रहा है। इसमें सामने आया है कि यूनीक नंबर धारक किसानों की संख्या सत्यापन से पूर्व प्रदेश में 2,17,98,596 थी। सत्यापन के बाद 2,10,87,849 का डाटा ही सही पाया गया है। इसी को रिकॉर्ड में शामिल किया गया है, जबकि कुल 7,10,747 किसानों को अपात्र माना गया है।
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पति-पत्नी दोनों ले रहे थे सम्मान निधि
ऐसे अपात्र कई बार निधि से पैसा पा चुके हैं। ऐसे में यह आंकड़ा भी जुटाया जा रहा है कि वास्तव में कितनी रकम इन किसानों को जारी हो चुकी है। यह निर्देश भी दिए गए हैं कि अपात्र खुद भी निधि सरेंडर कर सकते हैं। कई अपात्र ऐसे भी मिले हैं जो पति-पत्नी दोनों की निधि ले रहे थे।
 

- आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले भी इसका बड़े किसान भी इसका लाभ उठा रहे थे।
- लगभग एक लाख ऐसे किसानों के खातों में धन गया है जिनकी मौत हो चुकी है।
विदित हो कि सरकार ऐसे किसानों को सालाना छह हजार रुपये निधि के तौर पर देती है जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है।

अपात्र किसानों से 25-26 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। सर्वे और डाटा दुरुस्तीकरण का काम चलता रहेगा, ताकि ऐसे अपात्रों की जानकारी सामने आती रहे।
- डॉ. देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव कृषि
 
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