कब्जा हटवाने पहुंची एलडीए की टीम तो खुद ही लगा दी दुकानों में आग, बवाल, तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कब्जाई थी दो करोड़ की जमीन
एलडीए, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने हाईकोर्ट के दो आदेश के अनुपालन में विजयखंड में 3200 - 3200 वर्गफुट के भूखंड संख्या 2/66 व 2/67 से सोमवार दोपहर अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई शुरू की।
एलडीए के मुताबिक करीब दो करोड़ रुपये की कीमत के इन दोनों भूखंड की जमीन पर उजरियांव के शरफ हुसैन, शाह आलम, मो. शरीफ, शमर हुसैन ने कब्जा कर कबाड़ रखवाया था। वहीं, 22 साल से आवंटी शादिया अफजल और इम्तियाज अहमद अपने भूखंडों पर कब्जे के लिए भटक रहे थे। हाईकोर्ट ने दोनों के भूखंड से अतिक्रमण हटवाकर एलडीए को इन्हें भौतिक कब्जा दिलाने केलिए कहा था।
पुलिस-पीएसी की निगरानी में कार्रवाई
एलडीए के कार्रवाई शुरू करने के थोड़ी देर बाद ही विरोध कर रहे लोगों ने कबाड़ में आग लगा दी। बवाल बढ़ता देख आनन-फानन मौके पर मौजूद प्रशासन के अधिकारी अमित कुमार ने अतिरिक्त फोर्स और पीएसी मंगाने के आदेश किए। खुद एलडीए के नजूल अधिकारी विश्वभूषण मिश्र भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद देर शाम तक पुलिस और पीएसी की निगरानी में आग बुझाने और अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई की गई।
खुद को जलाने की कोशिश करने वाला हिरासत में
गोमतीनगर थानाध्यक्ष पीके झा ने बताया कि अतिक्रमण हटवाने के समय कब्जेदार शरफ हुसैन ने खुद को कबाड़ की आग में जलाने की कोशिश भी की। पुलिस उसे हिरासत में लेकर गोमतीनगर थाने ले गई। अतिक्रमण करने वाले दूसरे लोगों को भी पुलिस ने थाने में ही रोक लिया। कार्रवाई रोकने का प्रयास एक रहे एक और व्यक्ति विवेक खरे को भी पुलिस ने मौके से ले जाकर थाने में बिठा लिया।
आग के फैलने का भी था खतरा
अग्निशमन अधिकारी शांतनु यादव ने बताया कि गोमतीनगर, गाजीपुर और हजरतगंज फायर स्टेशन से गाड़ियां मंगवाई गईं। आबादी के बीच आग लगी होने से आसपास के मकानों में भी इसके फैलने का खतरा बना हुआ था। इस वजह से नजदीक के बाजार को बंद कराने के साथ घरों को खाली कराया गया।
हाईकोर्ट का स्टे भी नहीं माना
याची शरफ हुसैन के रिश्तेदार शमीउद्दीन का कहना है कि हाईकोर्ट ने भूखंड की जमीन से हमें हटाने की कार्रवाई को स्टे किया हुआ है। नौ अक्तूबर 2017 को इसके लिए आदेश किया गया। एलडीए को स्टे के लिए बताया गया। यह भी कहा गया कि 16 जनवरी 2018 को हाईकोर्ट में हमारी याचिका पर सुनवाई होनी है। इसके बाद भी एलडीए और पुलिस के अधिकारियों ने जबरन कब्जा हटवा दिया। हमारे रिश्तेदारों को थाने में जबरन बिठाकर रखा गया है।
यह याची की जमीन ही नहीं
वहीं, एलडीए के नजूल अधिकारी विश्वभूषण मिश्र का कहना है कि जिस खसरा संख्या 1407 का जिक्र याचिका में किया गया वहां भूखंड 2/66, 2/67 मौजूद ही नहीं हैं। यह दोनों भूखंड खसरा संख्या 1406पी, 1414पी, 1415पी, 1416पी, 1422पी पर हैं। इसको लेकर विधिक राय ली गई। इसमें कहा गया कि हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर से भूखंड 2/66, 2/67 प्रभावित नहीं होते। इसके बाद ही कार्रवाई की गई।