राम मंदिर: प्राण प्रतिष्ठा के दिन पटाखों पर रोक की पीआईएल दाखिल, 18 को हाईकोर्ट में हो सकती है सुनवाई
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन दिवाली मनाने की बात राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा कही जा रही है। इस बीच प्रतिष्ठा के दिन पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने वाली पीआईएल दाखिल की गई है।
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अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को पटाखे बेचने और चलाने पर रोक लगाने की मांग वाली एक जनहित याचिका मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल हुई है। इस पर 18 जनवरी को सुनवाई संभावित है।
स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने याचिका में कहा कि वर्तमान में लखनऊ समेत अन्य शहरों में वायु प्रदूषण बहुत अधिक है। ‘अमर उजाला’ समेत अन्य समाचार पत्रों में हाल ही में प्रकाशित खबरों को याचिका संग संलग्न करते हुए कहा कि अन्य शहरों के अलावा लखनऊ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्थिति में है।
ऐसे में 22 जनवरी को बड़े पैमाने पर पटाखे चलाए जाने से हवा और खतरनाक हो सकती है। याची ने कहा कि सिर्फ लखनऊ में पटाखे बेचने के लिए करीब 200 दुकानदारों को लाइसेंस दिए जा रहे हैं। याची ने इन लाइसेंसों को जारी करने के आदेश पर रोक लगाने या रद्द करने के निर्देश देने का आग्रह किया है।
बिक्री में आया उछाल
अयोध्या में राम मंदिर के शुभारंभ से पहले पटाखों का भी एक बहुत बड़ा बाजार 22 जनवरी के लिए सज कर तैयार हो गया है। देशभर में पटाखे बनाने के लिए मशहूर शिवकाशी फायरवर्क्स मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के मुताबिक दीपावली के बराबर का बाजार सिर्फ 22 जनवरी के लिए तैयार हुआ है। अभी तक की तैयारी के मुताबिक अयोध्या में राम मंदिर के शुभारंभ वाले दिन तक तकरीबन 250 करोड रुपये से ज्यादा का पटाखों का बाजार तैयार है। जबकि देश के अलग-अलग हिस्सों में तैयार होने वाले पटाखों के बाजार को भी जोड़ा जाए, तो यह आंकड़ा 400 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो रहा है। ऑल इंडिया फायरवर्क ट्रेडर्स एसोसिएशन के मुताबिक 22 जनवरी को दीपावली से कम का बाजार नहीं बना है।
अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के शुभारंभ पर एक बार फिर से दीपावली मनाने की पूरे देश ने तैयारियां की हैं। इसके लिए बाकायदा बाजार में पटाखे की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है। देशभर के अलग-अलग हिस्सों में पटाखे बनाने के लिए न सिर्फ लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं, बल्कि सभी प्रमुख राज्यों के शहर और राजधानी में उनकी बिक्री भी तेज हो गई है। शिवकाशी फायरवर्क्स मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के मुताबिक अयोध्या में राम मंदिर की तैयारी के साथ-साथ पटाखों कीए मांग भी तेजी से बढ़ी है।