फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   phulan devi murder case

पढ़िए, कैसे चंबल से संसद पहुंची थी फूलन

Sat, 09 Aug 2014 08:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 09 Aug 2014 08:28 PM IST
विज्ञापन
phulan devi murder case

चंबल घाटी में राज करने वाली दस्यु सुंदरी फूलन देवी की हत्या मामले में कोर्ट ने मुख्य आरोपी शेर सिंह राणा पर दोष तय कर दिया।

विज्ञापन


इसके साथ ही फूलन का चंबल से संसद तक का सफर और सांसद रहने के दौरान ही दिन दहाड़े उसकी हत्या करने वाले कातिलों को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई।

बचपन से ही ‌थी विद्रोही

phulan devi murder case

फूलन बचपन से ही विद्रोही तेवर की थी। जब घरवालों ने अधेड़ से उसकी शादी कर दी, तब वह ससुराल से भाग आई। इसके बाद परिवार के साथ मिलकर मजदूरी करने लगी।

लेकिन फूलन के विद्रोही तेवर में कोई कमी नहीं आई। इन्हीं तेवरों के चलते वह ऊंची जाति के ठाकुरों के सामूहिक दुराचार की शिकार हुई।

बाद में वह चंबल घाटी के डकैतों से जुड़ गई, वहां भी उसके साथ बलात्कार हुआ। हालांकि जब डकैतों की कमान विक्रम मल्लाह के हाथ आई, तब जाकर फूलन को पहली बार सम्मान मिला।

इतना ही नहीं विक्रम के साथ ही फूलन के भी कारनामे चंबल के बाहर पहुंचने लगे। लेकिन बीते कल की यादों से उसके अंदर की आग सुलगती रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

पृथ्वीराज की अस्थियां तलाश रहा था शेर सिंह

phulan devi murder case

पकड़े जाने के बाद राणा ने बताया फरारी के दौरान वह पहले बंगलादेश के खुल्ना में छिप कर रहा।

इसके बाद वह दुबई, काबुल, हेरात, कंधार समेत कई जगहों पर गया था। राणा ने बताया था कि यहां व क्षत्रिय राजा पृथ्वीराज सिंह चौहान के अवशेष तलाश रहा था। बकौल राणा वह पृथ्वी राज के अवशेष भारत लाना चाहता था।

अपने कॉलेज के दिनों में शेर सिंह राणा ने स्टूडेंट यूनियन का चुनाव लड़ने की कोशिश की।

बाद में वह एकलव्य सेना का पदाधिकारी बन गया। जेल में रहने के दौरान भी राणा ने कोर्ट से वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में राष्ट्रवादी प्रताप सेना से चुनाव लड़ने की अनुमति और जमानत मांगी थी।

उसे जमानत तो नहीं मिली पर, नामांकन करने की अनुमति मिल गई थी।

विज्ञापन

खुद पर हुए जुल्म को कभी नहीं भूली

phulan devi murder case

विक्रम मल्लाह की हत्या के बाद फूलन ने गिरोह की कमान अपने हाथ में ले ली। लेकिन वह अपने साथ हुए अत्याचार को नहीं भूली। वर्ष 1981 का बेहमई कांड इसी की परिणती थी, जिसमें फूलन ने 22 लोगों एक साथ गोलियां से भून दिया था।

इसके बाद उसे दस्यु सुंदरी से लेकर जाने कितने नाम मिले। लेकिन फूलन ने 12 फरवरी 1983 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के सामने भिंड जिले में सरेंडर कर दिया।

उसे विभिन्न मामलों में 11 साल की सजा हुई। पर, उसने कभी भी अपने किए पर अफसोस नहीं जताया। उसका कहना था कि अत्याचारियों के खिलाफ किसी न किसी को आवाज उठानी पड़ती है और उसने आवाज उठाई।

सपा ने फूलन को दिया सहारा

phulan devi murder case
जेल में 11 साल गुजराने के बाद जब फूलन देवी बाहर आई तो समाजवादी पार्टी ने उसे मिर्जापुर से लोकसभा चुनाव लड़ाया।

वह 1996 से 1998 तक फिर 1999 से मृत्यु पर्यंत यहां से सांसद रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed