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प्रदेशभर में हुए बवाल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, पीएफआई ने भड़काई हिंसा, दो गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 23 Dec 2019 08:04 PM IST
लखनऊ में हुई हिंसा का एक दृश्य। (फाइल फोटो)
लखनऊ में हुई हिंसा का एक दृश्य। (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान प्रदेश में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के पीछे पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का नाम सामने आया है। सोमवार को पुलिस ने इसके प्रदेश कोषाध्यक्ष बाराबंकी निवासी नदीम और डिवीजन प्रेसीडेंट अशफाक को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया।



एसएसपी कलानिधि नैथानी का दावा है कि उग्र प्रदर्शन के लिए संगठन ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। व्हॉट्सएप पर विभिन्न संगठनों के ग्रुप बनाकर सैकड़ों लोगों को बृहस्पतिवार को लखनऊ बुलवाया, जिन्होंने उपद्रव और हिंसा की। पकड़े गए पदाधिकारियों के पास से संगठन के झंडे, पम्फलेट, पेपर कटिंग और विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी तख्तियों के साथ अन्य सामान जब्त किया गया है।


एसएसपी ने बताया कि पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष इंदिरानगर के ए ब्लॉक स्थित जय मंगल अस्पताल के पास रहने वाले वसीम अहमद को पुलिस ने उपद्रव के अगले दिन शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था। उससे पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर संगठन और उसके पदाधिकारियों के बारे में छानबीन शुरू की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि पीएफआई ने ही प्रदेश में उग्र प्रदर्शन और हिंसा की साजिश रची थी।

इसके पदाधिकारियों की धर-पकड़ कर उनके मोबाइल फोन खंगाले गए तो नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के लिए बनाए 17 वॉट्सएप ग्रुप मिले। हर ग्रुप में लखनऊ और आसपास के जनपद के विभिन्न संगठनों के 150 से 200 लोग जुड़े थे। वसीम, नदीम और अशफाक ने सभी ग्रुप में बृहस्पतिवार को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया था।

'पीएफआई के आह्वान पर आए लोग अपने साथ पत्थर, असलहे और पेट्रोल बम लाए थे'

पुलिस को इसके मैसेज, वीडियो और चैटिंग के रिकॉर्ड मिल गए हैं। एसएसपी ने बताया कि पीएफआई के आह्वान पर आए लोग अपने साथ पत्थर, असलहे और पेट्रोल बम लाए थे। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल से बने वीडियो में इसकी पुष्टि हो गई है।

उपद्रव-हिंसा में पीएफआई के अन्य पदाधिकारियों के साथ विभिन्न संगठन के लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। हिंसा में जिनके नाम व भूमिका सामने आएगी, उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।

अब तक 164 केस 880 लोग गिरफ्तार
प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा को लेकर अब तक 164 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में नामजद 880 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही बड़े पैमाने पर सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरे और मोबाइल से ली गई तस्वीरों को सोशल मीडिया के जरिये जारी कर शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।

आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि रविवार को प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि अब तक 5312 लोगों को हिरासत में लेकर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। उग्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं में 288 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं, इसमें 61 को गोली लगी है। आईजी ने बताया कि घटनास्थलों से 647 .315 बोर और 12 बोर के खोखे बरामद किए गए हैं। जबकि 69 कारतूस व 35 अवैध तमंचे भी बरामद हुए हैं।

वहीं, सोशल मीडिया पर भी निगरानी लगातार जारी है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक, भ्रामक पोस्ट और मैसेज पर भी कार्रवाई की गई है। ऐसे 76 मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 108 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक 6612 ट्विटर पोस्ट और 8577 फेसबुक व 155 यूट्यूब एवं अन्य प्रोफाइल पोस्टों पर कार्रवाई के लिए सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क किया गया है।

कानपुर : गोली लगने से घायल युवक ने तोड़ा दम, अब तक तीन की मौत

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शहर में हुई हिंसा में गोली लगने से घायल हुए मोहम्मद रईस (27)  ने रविवार को हैलट अस्पताल में दम तोड़ दिया। शहर में मरने वालों की संख्या अब तीन हो गई है। एक अन्य की हालत गंभीर है। उधर, पुलिस ने यतीमखाना व बाबूपुरवा में हुई हिंसा में गिरफ्तार 12 उपद्रवियों को जेल भेज दिया है। दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

आशंका है कि वह बाहरी हैं और बवाल कराने में उनका भी हाथ है। उधर, हरदोई के सांडी कस्बे में रविवार की सुबह नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जगह-जगह पोस्टर लगा होने से अधिकारियों के होश उड़ गए। वहीं, फर्रुखाबाद में बवाल के मामले में रविवार को पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

फिरोजाबाद: 15 मुकदमे दर्ज, तीस नामजद, ढाई हजार अज्ञात
यहां बवाल में पुलिस प्रशासन और प्रभावित हुए कई लोगों की तहरीर पर थाना दक्षिण एवं रसूलपुर में 15 मामले दर्ज हुए हैं। बवाल में 30 से अधिक के नामजद किए जाने के साथ 2500 अज्ञात शामिल हैं। एसएसपी ने कहा इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए हैं।

मेरठ: तनावपूर्ण शांति, मरने वालों की संख्या छह हुई, 13 आरोपी गिरफ्तार

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए बवाल के तीसरे दिन तनावपूर्ण शांति रही। सोमवार को भी बारहवीं कक्षा तक के स्कूल बंद रहेंगे। बृहस्पतिवार शाम से बाधित इंटरनेट सेवाएं अभी शुरू नहीं हुई हैं। वहीं बवाल में गोली लगने से घायल सालिम (30) पुत्र हबीब निवासी ताला फैक्टरी लिसाड़ी गेट ने रविवार को दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया। मरने वालों की संख्या अब छह हो गई है। शहर के हापुड़ रोड और भगत सिंह मार्केट समेत सभी प्रमुख बाजार सामान्य रूप से खुले। लिसाड़ी गेट और हापुड़ रोड पर पुलिस और आरएएफ का पहरा रहा।

हापुड़: विरोध में उतरीं मुस्लिम महिलाएं
मुस्लिम महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर, जुलूस निकाला। हाथों में बैनर, पोस्टर लेकर सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग उठाई। डीएम, एसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर मुस्तैद रहा, जुलूस में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। जामुन वाली मस्जिद के पास डीएम को महिलाओं ने ज्ञापन दिया। उधर बुलंदशहर में बलवे के मामले में पुलिस ने शनिवार को 11 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया था।

वहीं, अब पुलिस ने रविवार को एक अन्य आरोपी को धर दबोचा है, जिसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं पुलिस अन्य फरार उपद्रवियों की तलाश में लगातार जनपद व गैर जनपदों मेें दबिश कर रही है। गाजियाबाद में लोनी तिराहा पर शुक्रवार को हुए उपद्रव में शामिल प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए फोटो स्थानीय पुलिस ने रविवार को सार्वजनिक स्थानों पर लगाई है। आम लोगों से इन लोगों को पहचान कर थाने पर सूचना देने की अपील की गई है।

आगरा : अफवाहों से डर का माहौल बना रहा

संवेदनशील इलाकों में तैनात रही फोर्स। एडीजी ने लोगों से किसी के बहकावे में न आने की अपील की है।  उधर, मथुरा और मैनपुरी में कड़ी सुरक्षा के बीच बनी रही शांति, मिश्रित आबादी में पुलिस ने पैदल गश्त किया। वहीं कासगंज में अभी भी सतर्कता बरती जा रही है।

अलीगढ़: संवेदनशील इलाकों में फोर्स तैनात
अलीगढ़ में हालात पूरी तरह सामान्य रहे। संवेदनशील इलाकों में फोर्स तैनात है। वहीं एएमयू में पढ़ने वाली स्थानीय छात्राओं का धरना रविवार को भी जारी रहा। इन छात्राओं ने धरना स्थल पर हमें चाहिए आजादी के नारे भी लगाए। इनकी दलील है कि नागरिकता कानून के विरोध में छात्रों का विरोध शांतिपूर्वक चल रहा था। लेकिन अवकाश घोषित करके उनके अभियान को रोकने का काम किया गया। यह लोग उनके अभियान को आगे बढ़ाएंगी।

देवबंद: विशाल धरना दिया, 313 गिरफ्तार

देवबंद में रविवार को पूर्व विधायक माविया अली की अपील पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के बैनर तले ईदगाह के विशाल मैदान में धरना दिया गया। साथ ही 313 लोगों ने गिरफ्तारियां दीं। इस दौरान धरनास्थल से लेकर सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, बिजनौर और नहटौर में हुए बवाल के दौरान संपत्ति को पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई 25 लोग करेंगे। इन लोगों को चिह्नित कर लिया गया है। इन सभी लोगों को प्रशासन ने नोटिस देने की तैयारी शुरू कर दी है। उधर, शामली में  इस मामले में पुलिस ने करीब 15 लोगों को पुलिस ने वीडियो के आधार पर चिह्नित कर लिया है, जिनकी तलाश की जा रही है।

मुजफ्फरनगर:  25 पर केस दर्ज, 48 गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर में रविवार को मीनाक्षी चौक के आसपास की दुकानों को छोड़कर शहर का पूरा बाजार खुला। हिंसक विरोध प्रदर्शन के मामले में तीसरे दिन सिविल लाइंस थाने में 16 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन्हें मिलाकर रविवार शाम तक कुल मुकदमों की संख्या 25 तक पहुंच गई है।
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