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Health News: लगातार हिचकी आए तो परिजन नहीं बीमारी कर रही याद, शरीर दे रहा खतरे का संकेत; डॉक्टर से लें परामर्श

Sun, 14 Jun 2026 09:19 AM IST
Bhupendra Singh चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sun, 14 Jun 2026 09:19 AM IST
सार

Health News: लगातार हिचकी आए तो परिजन नहीं बीमारी के याद करने के संकेत हैं। आपका शरीर खतरे का संकेत दे रहा है। पेट व छाती के बीच की मांसपेशी के सिकुड़ने समेत कई कारणों से हिचकी आती है। लंबे समय तक नजरअंदाज करने से बीमारी बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। आगे पढ़ें पूरा अपडेट...

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Persistent hiccups are sign of underlying medical condition not merely case of someone thinking of you
लगातार हिचकी बीमारी का संकेत दे रही। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगर आपको लगातार हिचकी आ रही है तो इसे नजरअंदाज न करें। यह किसी परिजन के याद करने से नहीं बल्कि बीमारी का संकेत है। ऐसे में तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। लंबे समय तक अनदेखी से बीमारी बढ़ सकती है।
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राजधानी लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान समेत कई अस्पतालों के गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में हर दिन चार से पांच मरीज हिचकी से जुड़े आ रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक हिचकी आना शरीर में छिपी किसी अन्य गंभीर बीमारी या स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
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48 घंटे से अधिक समय तक रहने वाली हिचकी को पर्सिस्टेंट और एक माह से अधिक रहने वाली हिचकी को इंट्रैक्टेबल कहा जाता है। लगातार हिचकी आ रही है तो गहरी सांस लें और कुछ देर रोककर छोड़ें। प्रक्रिया पांच से 10 बार दोहराएं। नीबू चूसें। खाना चबाकर खाएं। सोडा, शराब या अन्य कोई ड्रिक्स न पीएं।
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इसलिए आती है लगातार हिचकी

गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. अनिल गंगवार के मुताबिक, हिचकी की मूल वजह पेट और छाती के बीच की मांसपेशी (डायफ्राम) सिकुड़ने, एसिड फूड पाइप में आने, अल्सर या आंतों में सूजन, अग्न्याशय में सूजन, पित्ताशय की सूजन से हो सकती है। इसके अलावा ट्यूमर या अन्य कारण से गर्दन की नसों के दबने या संक्रमण होने, मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी की समस्या और स्ट्रोक के केस में भी कई बार लगातार हिचकियां आती हैं।

केस 1

जौनपुर के रामबली (48) को दिन में चार से पांच बार हिचकी आती थी। केजीएमयू में जांच कराई तो पता चला कि आंतों में संक्रमण है। पित्ताशय में भी समस्या है। छह माह इलाज के बाद ठीक हैं।

केस 2

अंबेडकरनगर की शीला (55) को पांच साल से हिचकी की समस्या थी। जांच में पता चला कि आहार नली और डायफ्राम के साथ ही गर्दन की नस में भी समस्या है। तीन माह के उपचार से ठीक हो गईं।


लगातार या घंटे-दो घंटे में रुक-रुक कर हिचकी आए तो नजरअंदाज न करें। कई बार 48 घंटे तक हिचकी आती रहती है। ये गंभीर बीमारी का संकेत हैं। तुरंत चिकित्सक से सलाह लें। रक्त जांच, एंडोस्कोपी या छाती के एक्सरे से वजह पता चल जाती है। दवाओं से उपचार हो जाता है। -डॉ. अनन्य गुप्ता, गैस्ट्रोलॉजिस्ट, केजीएमयू
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