सीएम योगी का बड़ा फैसला, अब कुंभ-अर्द्घकुंभ के लिए होगी स्थायी व्यवस्था
अब प्रयाग में कुंभ और अर्धकुंभ समेत माघ मेलों आदि की तैयारियों के लिए स्थायी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार मेला प्राधिकरण बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बारे में अफसरों को निर्देश दिए हैं।
साथ ही, वर्ष-2019 के अर्धकुंभ की तैयारियों के लिए समय सीमा तय करते हुए अक्तूबर-2018 तक सभी काम पूरा करने को भी कहा है।
शुक्रवार को अर्धकुंभ तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीएम ने मुख्य सचिव और इलाहाबाद के मंडलायुक्त को अगली बैठक में मेला प्राधिकरण गठन केबारे में प्रस्ताव लाने का निर्देश दिया। साथ ही, प्रस्तावित प्राधिकरण को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए रूपरेखा प्रस्तुत करने को भी कहा।
योगी ने अर्धकुंभ की तैयारियों के लिए स्थानीय स्तर इलाहाबाद के मंडलायुक्त को नोडल अधिकारी और राज्य स्तर पर नगर विकास विभाग को नोडल एजेंसी बनाया है। पूरी व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा मुख्य सचिव को दिया है।
सुरक्षा के लिए भी होंगे खास इंतजाम
अर्धकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इलाहाबाद के डीआईजी को नोडल अफसर बनाया गया है। जबकि, अर्धकुंभ की सारी व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह को सौंपी गई है।
सीएम ने अखाड़ों को भूमि समेत अन्य सुविधाएं देने की तैयारी भी समय से करने को कहा है। मेला क्षेत्र के 30 किमी दायरे में नदी पर पुल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में तीर्थयात्रियों को ज्यादा पैदल न चलना पडे़ और भगदड़ की आशंका वाले स्थानों की पहचान कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना समेत कई मंत्री और नगर विकास, लोनिवि, वित्त, ऊर्जा समेत कई विभागों के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव आदि मौजूद रहे।
अर्धकुंभ के लिए 3,460 करोड़ का प्रस्ताव
इस दौरान इलाहाबाद के डीएम ने अर्धकुंभ की तैयारियों के लिए 3,460 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पेश किया। इस पर सीएम ने जरूरी धनराशि फौरन उपलब्ध कराकर स्थायी परियोजनाआें को शुरू कराने का निर्देश दिया।
सीएम ने कहा कि अभी सिर्फ उन परियोजनाओं को शुरू कराएं जो अगले साल अक्तूबर तक पूरी हो सकें। उन्होंने धन की व्यवस्था के लिए अपर मुख्य सचिव वित्त को अधिकृत कर दिया है।
बदलेगी नगर निगमों में ठेका देने की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने नगर निगमों में ठेका देने की मौजूदा व्यवस्था को दोषपूर्ण और भ्रष्टाचार युक्त बताते हुए इसे तत्काल बदलने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने इलाहाबाद शहरी क्षेत्र में पूरी तरह से एलईडी बल्ब नहीं लगाने पर नाराजगी जताते हुए नगर विकास मंत्री को इस मामले की समीक्षा करके जिम्मेदार लोगों को दंडित करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से बातचीत करके सूबे के सभी नगर निगमों की स्ट्रीट लाइट को एलईडी में बदलने और दिन में लाइट जलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के लिए भी कहा।
बिजली उत्पादन में होगा सीवेज के पानी का उपयोग
मुख्यमंत्री ने इलाहाबाद समेत सूबे के अन्य बड़े शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से मिलने वाले पानी का उपयोग बिजली उत्पादन में करने और इस संबंध में नागपुर की व्यवस्था का अध्ययन करने को कहा है। इसके लिए नगर विकास मंत्री की अध्यक्षता में मई के पहले सप्ताह एक टीम नागपुर भेजने का फैसला किया गया।