परफारमेंस ग्रांट घोटालाः बाराबंकी समेत 13 डीपीआरओ के खिलाफ एफआईआर, और अफसरों पर कस सकता है शिकंजा
ग्राम पंचायतों में हुए परफारमेंस ग्रांट घोटाले में बाराबंकी समेत 13 जिलों के डीपीआरओ की संलिप्ता मिलने पर विजिलेंस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले में अभी कुछ और अफसरों पर शिकंजा कसने के आसार हैं।
ग्राम पंचायतों को परफारमेंस ग्रांट आवंटन में बड़े स्तर पर हुई गड़बड़ी के मामले में विजिलेंस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एजेंसी इस मामले में निदेशालय स्तर के अधिकारियों की भूमिका तय करने के बाद लखनऊ के अलीगंज थाने में शुक्रवार को पंचायती राज निदेशालय के पांच वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुकी है।
इसके बाद 13 और जिलों के अफसरों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। इन जिलों में अधिक गड़बड़ियां पाई गईं हैं। इस कार्रवाई के बाद विजिलेंस संबंधित पंचायत कार्यालयों के दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। अभी तक की कार्रवाई परफारमेंस ग्रांट देने के लिए चयन समिति की ओर से किए गए फैसले पर आधारित थी।
अब दस्तावेजों की जांच कर साक्ष्य संकलन की कवायद शुरू हो गई है। इसके बाद कुछ और जिलों में एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों को परफारमेंस ग्रांट देने के लिए चयन समिति के फैसले में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिलने के साक्ष्य पाए गए थे।
अनियमित तरीके से किया गया था ग्राम पंचायतों का चयन
जांच में पता चला कि ग्रांट देने के लिए प्रदेश की 1123 ग्राम पंचायतों का अनियमित तरीके से चयन किया गया। अपात्र ग्राम पंचायतों की सूची तैयार कर आपसी सहमति से फैसला लिया गया।
इन जिलों के डीपीआरओ पर हुई कार्रवाई
बाराबंकी, उन्नाव, वाराणसी, गाजीपुर, सहारनपुर, इटावा, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, गोरखपुर, आजमगढ़, महाराजगंज और देवरिया शामिल हैं।
अब ग्राम पंचायत सचिव व एपीओ की तय होगी भूमिका
जांच अधिकारियों के अनुसार, अब ग्राम पंचायत सचिव से लेकर एपीओ तक की भूमिका तय की जाएगी। मामला सरकारी अफसरों से जुड़ा होने की वजह से उनके खिलाफ चार्जशीट लगाई जाएगी और अभियोजन के लिए शासन से अनुमति भी ली जाएगी।